देवास जहरीली शराब कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पार्टी के धरने-प्रदर्शन, टेंट, लाइट, माइक, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह का खर्च नकली शराब के कारोबार से जुटाए गए पैसे से चलता है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा है। सारंग ने कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में अमन की भूमिका सामने आई है। मंत्री के मुताबिक देवास शराब कांड के मुख्य आरोपी अजय राठौर और गोविंद ने अमन से थिनर का ड्रम खरीदा था। उन्होंने दावा किया कि जांच में यह जानकारी सामने आई है। हालांकि, केमिकल की आपूर्ति, जहरीली शराब से हुई मौतों और कांग्रेस के राजनीतिक खर्च के बीच संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। क्या इसी कारोबार से पीसीसी का खर्च उठता था? सारंग ने सवाल किया कि क्या आनंद और अमन कासलीवाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का खर्च उठाते थे? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इसके लिए नकली शराब के कारोबार से पैसा जुटाया जाता था। सारंग ने कहा कि पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इस पहलू की भी पड़ताल होनी चाहिए। मंत्री ने जीतू पटवारी से अमन की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की कार्रवाई पर जवाब मांगा। उन्होंने आनंद कासलीवाल की पार्टी में भूमिका पर भी सवाल उठाए। केमिकल सप्लाई की जांच देवास शराब कांड की जांच में कथित अवैध शराब बनाने और केमिकल की आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच के अनुसार अजय राठौर और उसके साथियों पर नकली शराब बनाने और उसकी आपूर्ति के आरोप हैं। इसी मामले में अमन कासलीवाल का नाम केमिकल सप्लाई की कड़ी में सामने आने की बात कही गई है। दूसरी ओर, आनंद कासलीवाल ने अपने बेटे का बचाव किया है। उनका कहना है कि अमन की फर्म पेंट केमिकल और थिनर का वैध कारोबार करती है। सामग्री बिल के साथ बेची गई थी। केमिकल की बिक्री, उसके कथित इस्तेमाल और मौतों के बीच संबंध जांच के साक्ष्यों से स्थापित होना बाकी है। मौतों के बाद सामने आया मामला देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों की खबरें आई थीं। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में कथित अवैध शराब की आपूर्ति, केमिकल की खरीद और शराब बनाने से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। मौतों के कारणों और केमिकल की भूमिका को लेकर चिकित्सकीय और रासायनिक जांच के निष्कर्ष अहम होंगे। इन्हीं से स्पष्ट होगा कि मौतों का शराब या उसमें इस्तेमाल किसी पदार्थ से क्या संबंध था। सारंग ने इस मामले में कांग्रेस से जवाब मांगा है। उनके आरोप अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी, कथित केमिकल सप्लाई और पीसीसी के खर्च के स्रोत पर केंद्रित हैं। इन आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
