सारंगपुर में गुरुवार को करवा चौथ पर बादलों और रिमझिम बारिश के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए। शाम करीब 4 बजे से मौसम बदला और रात तक आसमान में बादल छाए रहे। महिलाओं ने देर रात तक चांद का इंतजार किया, लेकिन दर्शन नहीं होने पर मानसिक रूप से चंद्रदेव का पूजन किया। चांद का इंतजार करती रहीं महिलाएं करवा चौथ पर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। परंपरा के अनुसार, उन्हें चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देना था और फिर पति के हाथों व्रत खोलना था। चंद्रमा निकलने का तय समय रात 8:26 बजे था, लेकिन घने बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। फोन पर पूछी पूजन की विधि देर रात तक चंद्रमा नहीं दिखने पर कई दंपती एक-दूसरे को फोन कर पूजन की विधि पूछते नजर आए। इसके बाद महिलाओं ने मानसिक रूप से भगवान चंद्रदेव का पूजन किया और अर्घ्य देने की परंपरा निभाई। महिलाओं ने पतियों को तिलक लगाया और चंद्रदेव की आरती उतारी। चक्रवाती तूफान के असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला। इसका असर सारंगपुर में भी देखने को मिला। बादलों और रिमझिम बारिश के कारण महिलाएं चांद के दर्शन नहीं कर सकीं, लेकिन उन्होंने व्रत और पूजन की परंपरा निभाई।
