बालाघाट के सांदीपनी स्कूल से ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के सात विद्यार्थियों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। उन्हें स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (टीसी) थमा दिया गया। यह मामला तब सामने आया जब शनिवार को ग्यारहवीं के एक छात्र के पिता फिरोज खान ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। प्राचार्य युवराज राहंगडाले ने इस संबंध में बयान दिया है कि जो छात्र प्रार्थना में शामिल नहीं हो सकता, उसे इस स्कूल में पढ़ने का कोई अधिकार नहीं है। फिरोज खान ने बताया कि उनका बेटा डायबिटिक है और घटना वाले दिन प्रार्थना से पहले वह पेशाब करने गया था। इसी बात पर उसे टीसी जारी कर स्कूल न आने को कहा गया। अभिभावक क्या बोले? फिरोज खान के अनुसार, जब उन्होंने प्राचार्य से इस मामले में बात की, तो उन्होंने कहा, “जो बनता है बिगाड़ लो, कलेक्टर से शिकायत कर दो।” पिता ने चिंता व्यक्त की कि स्कूल से निकाले जाने के बाद उनका बेटा परेशान है और बीमार पड़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राचार्य बच्चों को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा। हालांकि, प्राचार्य ने सभी सात विद्यार्थियों के अभिभावकों को आगामी 22 जुलाई को स्कूल बुलाया है। उन्होंने बच्चों के प्रार्थना में अनुपस्थित रहने के संबंध में अभिभावकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) धनश्री जैन से दूरभाष पर संपर्क किया गया। उन्होंने प्राचार्य से चर्चा के बाद जानकारी देने की बात कही, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
