उज्जैन के मक्सी रोड स्थित सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक (डिप्टी जीएम) दीपक कुमार के साथ 1 करोड़ 77 लाख की बड़ी डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है। जीएम को ‘S108 Kotak Wealth Insights’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट से भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट देखकर दीपक कुमार झांसे में आ गए और उन्होंने करोड़ों रुपए की राशि आरोपियों के खाते में डाल दी। राज्य साइबर सेल ने भोपाल के भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगों के साथ मिलकर जीएम दीपक कुमार कई गुना प्रॉफिट दिलाने का झांसा देकर ‘Neo Kot Pro’ नामक एक फर्जी ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करवाया। आधार और पैन कार्ड लेकर अकाउंट खोलने के बाद शुरुआत में 50000 जमा करवाए गए। इस पर झूठा प्रॉफिट दिखाकर जालसाजों ने 3 महीने के भीतर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,77,26,000 ट्रांसफर करवा लिए। जब फरियादी ने अपनी रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने 1.70 करोड़ का फर्जी IPO अलॉट होने का बहाना बनाकर और पैसों की डिमांड की। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। कर्ज चुकाने के लिए 26 हजार में बेचा था करंट अकाउंट
साइबर सेल की जोन प्रभारी डीएसपी लीना मारोठ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर भोपाल की शिवनगर कॉलोनी से 25 वर्षीय आरोपी भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में भानु ने कुबूल किया कि उस पर भारी कर्ज था। कर्ज उतारने के लिए उसने अपने दोस्त सारांश जैन को यस बैंक का करंट अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बदले उसे 26,000 नकद और 10,000 महीना देने का वादा किया गया था। इस ठगी के 2.50 लाख सीधे भानु के इसी खाते में आए थे। साइबर सेल ने मामले में आरोपी भानु चौरसिया को अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत केस दर्ज गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी सारांश जैन और इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
