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सतना में वन कर्मी का परिवार निकला बाघ का शिकारी:दो महीने बाद कब्र खोदकर अवशेष मिले; तीन हिरासत में

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के सरभंगा जंगल में बाघ के शिकार का मामला सामने आया है। इस घटना में जंगल की सुरक्षा में तैनात चौकीदार और उसके परिवार की संलिप्तता उजागर हुई है। वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को कब्र खोदकर बाघ के अवशेष बरामद किए। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच तेज कर दी गई है। सतना वनमंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को लगभग पांच दिन पहले एक मुखबिर से जानकारी मिली थी। सूचना के अनुसार, सरभंगा जंगल में जंगली सुअर का शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई थी। घटना के बाद शिकार में शामिल लोगों ने बाघ के शव को जंगल में ही दफना दिया था। सूचना मिलते ही वन विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और गोपनीय जांच शुरू की। कई दिनों तक क्षेत्र में जानकारी जुटाई गई और संभावित स्थानों की पहचान की गई। गुरुवार को वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड, उड़नदस्ता दल और वन परिक्षेत्र अधिकारी रंजन सिंह परिहार सहित अन्य वनकर्मियों के साथ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, लगातार बारिश, घने जंगल और सटीक जानकारी के अभाव में टीम को कोई सफलता नहीं मिली और बाघ के अवशेष नहीं मिल पाए। चौकीदार का नाम सामने आया
गुरुवार रात को मुखबिर ने वन विभाग को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसमें सरभंगा क्षेत्र में कार्यरत चौकीदार मिन्नता सिंह गोंड का नाम सामने आया। इसके बाद शुक्रवार को वन विभाग ने मिन्नता सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उपवनमंडल अधिकारी चित्रकूट अभिषेक तिवारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मझगवां रंजन सिंह परिहार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ के दौरान मिन्नता सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि लगभग दो महीने पहले कुछ लोगों ने जंगली सुअर के शिकार के लिए जंगल में बिजली का तार बिछाया था। उसी करंट की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई। घटना उजागर होने के डर से शव को वहीं पास में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। निशानदेही पर खोदी गई कब्र, मिले बाघ के अवशेष
आरोपी मिन्नता सिंह की निशानदेही पर वन विभाग की टीम बीट करारिया के कम्पार्टमेंट नंबर पीएफ-820 में पहुंची। यहां जमीन की खुदाई कराई गई, जहां से मृत बाघ के अंग-प्रत्यंग और अन्य अवशेष बरामद किए गए। हालांकि दो माह बीत जाने के कारण अवशेष काफी हद तक विघटित हो चुके थे। अवशेष मिलने के बाद खराब मौसम को देखते हुए उन्हें सरभंगा वन विश्राम गृह परिसर लाया गया, जहां आगे की कार्रवाई की गई। मुकुंदपुर जू के विशेषज्ञों ने किया पोस्टमार्टम
बरामद अवशेषों का परीक्षण करने के लिए मुकुंदपुर जू मैहर से वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता और उनकी टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने अवशेषों का परीक्षण किया और आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक सैंपल सुरक्षित किए। इसके बाद वन संरक्षक रीवा अनुराग कुमार, वनमंडल अधिकारी मयंक चांदीवाल, उपवनमंडल अधिकारी अभिषेक तिवारी, तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी रंजन सिंह परिहार और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ के अवशेषों का अंतिम संस्कार (शवदाह) किया गया। दो अन्य संदिग्ध भी हिरासत में, अन्य फरार
वन विभाग के अनुसार मिन्नता सिंह की निशानदेही पर दो अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आई है। उनसे पूछताछ और विवेचना जारी है। वहीं मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। शिकार में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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