इंदौर के एक कार शोरूम में हुई 2.5 करोड़ रुपए की चोरी का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने शोरूम में पिछले एक साल से काम कर रहे सफाई कर्मचारी को गिरफ्तार कर चोरी गया माल बरामद कर लिया। आरोपी कर्मचारी ने भरोसे का फायदा उठाकर विश्वासघात किया। अपने शौक पूरे करने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया। डीसीपी अमन सिंह राठौर ने बताया कि लसूड़िया थाना क्षेत्र में 17 जून को एक कार शोरूम में चोरी की वारदात सामने आई थी। पटेल मोटर्स के ऑपरेशन मैनेजर ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शोरूम के केबिन में रखा आईफोन, सोने का छत्र, हीरा जड़ा मुकुट और 12 चांदी के सिक्के चोरी हो गए थे। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। टीम बनाई, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाए डीसीपी अमन सिंह राठौर ने बताया कि मामला सामने आने के बाद आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की बारीकी से जांच की। हालांकि, फरियादी ने पहले ही अपने एक कर्मचारी पर शंका जाहिर की थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस संदेही लक्की (19), निवासी काली टंकी, बड़ी ग्वालटोली तक पहुंची। टीम ने जब उससे पूछताछ की तो उसने वारदात करना कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि शोरूम में काम करने के दौरान उसने मौके का फायदा उठाकर आईफोन चोरी किया था। इसके अलावा शोरूम मालिक के केबिन में रखे लॉकर से माता मंदिर का सोने का छत्र और हीरे जड़ा मुकुट भी चुरा लिया था। लगातार अधिकारी कर रहे थे मॉनिटरिंग डीसीपी ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी ने माता का मुकुट और छत्र महू के कोदरिया स्थित अपने ननिहाल के एक घर में छिपा दिया था, जबकि आईफोन और चांदी के सिक्के अपने पास ही रख लिए थे। माता का मुकुट 1 किलो 426 ग्राम वजनी है, जिसमें हीरे भी जड़े हुए हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छत्र, मुकुट, चांदी के सिक्के और आईफोन सहित करीब 2.5 करोड़ रुपए का माल जब्त कर लिया है। आरोपी ने सोने के छत्र को तोड़ दिया था और उसका कुछ हिस्सा बेच भी दिया था। पुलिस उस हिस्से की भी बरामदगी के प्रयास कर रही है। आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से शोरूम में काम कर रहा था, इसलिए उसे पूरी जानकारी थी कि चाबी कहां रखी जाती है और सुबह के समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होगा, जिससे वारदात को अंजाम देना आसान रहेगा। हालांकि पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी ने बताया कि इस मामले की लगातार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही थी। आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। जांच में यदि परिवार के अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
