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शिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध, मंत्री-आयुक्त से मुलाकात:दायरे में आने वाले शिक्षकों की सूची जारी हो, मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद होगी

शिक्षकों की पात्रता परीक्षा के लिए कर्मचारी चयन मंडल द्वारा भराए जाने वाले ऑनलाइन आवेदन का विरोध पात्रता परीक्षा के दायरे में आ रहे शिक्षकों और शिक्षक संगठनों द्वारा किया जा रहा है। इसको लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री और आयुक्त लोक शिक्षण से अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुलाकात कर कहा है कि पहले पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों की सूची जारी की जाए। वहीं मंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद सूची जारी करने की बात कही है। अगर परीक्षा होना ही है ऑनलाइन और ऑफलाइन का विकल्प रखा जाए। साथ ही परीक्षा केंद्र जिला और तहसील स्तर पर बनाए जाएं। मंत्री ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को कर्मचारी चयन मंडल से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने आज स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह एवं आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने “शिक्षक पात्रता परीक्षा” को लेकर अपना पक्ष रखा। इस मुलाकात के दौरान मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे शिक्षकों की वर्षवार, कैडर वार सूची जारी करने को कहा जिनकी पात्रता परीक्षा विभाग लेना चाह रहा है। यह भी कहा गया कि जिन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लेना ही पड़े, उनकी परीक्षा ऑफ़लाइन या ऑनलाइन होगी, इसका विकल्प शिक्षकों के लिए हो। मोर्चा ने यह भी कहा कि जिनकी परीक्षा होनी है, उनके लिए परीक्षा केंद्र तहसील या जिला स्तर पर हों। परीक्षा का पाठ्यक्रम शिक्षकों के अध्यापन कार्य के स्तर पर आधारित हो। साथ ही वर्ष 2005 से परीक्षा देकर भर्ती हो रहे शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखा जाए। मंत्री का आश्वासन, कर्मचारी चयन मंडल से चर्चा करेंगे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा की ओर से बताया गया कि मोर्चा के प्रस्तावों पर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि वे विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल से चर्चा कर इसका विधिसम्मत हल निकालने का प्रयास करेंगे। मोर्चा के अनुसार तब तक परीक्षा की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाएगा। मोर्चा ने यह भी कहा है कि आयुक्त लोक शिक्षण ने मुलाकात के दौरान स्पष्ट कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन प्रसन्न मन से करें और शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का तनाव न लें। विभाग को अपने शिक्षकों के हितों की पूरी चिंता है। शिक्षकों से अपील, परीक्षा फार्म नहीं भरें, 30 अगस्त को दिल्ली पहुंचने कहा इस मुलाकात के बाद अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने शिक्षा मंत्री एवं आयुक्त लोक शिक्षण के आश्वासन को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षकों से अपील की है कि कोई भी शिक्षक TET परीक्षा का फार्म न भरे। प्रतिनिधि मंडल में जगदीश यादव, राकेश दुबे, भरत पटेल, मनोहर दुबे, राकेश नायक, परमानंद डेहरिया, डी के सिंगोर, सालिकराम चौधरी सहित अनेक शिक्षक शामिल रहे। इनके द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रदेश के सभी शिक्षक 30 अगस्त को दिल्ली चलने की तैयारी करें व दिल्ली पहुँचें ताकि केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट का राहत देने का फैसला आए तो जारी कर देंगे सूची प्रतिनिधिमंडल से मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि वर्ष 2005 और वर्ष 2008 में परीक्षा पास करने वालों को राहत देने के लिए आयुक्त लोक शिक्षण खुद सुप्रीम कोर्ट में जाकर अपील कर रहे हैं। अभी इसका फैसला आना बाकी है। मंत्री सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राहत देता है या नहीं देता है, इसका निर्णय होने के बाद पात्रता परीक्षा के लिए पात्र शिक्षकों जारी करेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने पात्रता परीक्षा के विषय और पाठ्यक्रम को लेकर भी आपत्ति की जिसे मंत्री ने चेंज करने से मना कर दिया गया। मंत्री से यह मांग भी की गई है कि जिन शिक्षकों के लिए लेखक की जरूरत हो उन्हें लेखक उपलब्ध कराया जाए। इस प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात की तो उन्होंने ऐसी दिक्कतों का समाधान करने के लिए आश्वस्त किया जो शिक्षकों के हित में हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा सेंटर बढ़ाने की जानकारी वे कर्मचारी चयन मंडल तक पहुंचा देंगे।

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