शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के जेन जी (Gen Z) शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वन-टू-वन संवाद किया। कार्यक्रम अहिल्या आश्रम क्रमांक-1 में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से वर्ष 1997 के बाद जन्मे शासकीय शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने जेन जी शिक्षकों और अधिकारियों से सीधे बातचीत कर यह जाना कि नई पीढ़ी शिक्षा व्यवस्था को किस नजरिए से देखती है। संवाद में शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों, तकनीक के इस्तेमाल और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रदेशभर से पहुंचे जेन जी शिक्षकों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद किया और अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा किए। इस आयोजन को नई पीढ़ी की सोच और शिक्षा व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाने की पहल के तौर पर देखा गया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में जेन जी युवाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से नई पीढ़ी की सोच और अपेक्षाओं को समझने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम ने शिक्षकों से पूछा- प्लेन कैसे उड़ता है? सीएम ने कहा कि यहां पंचतंत्र की बात हो रही है। कहा जा रहा है कि ऐसा कौन-सा एक तंत्र है, जिसमें बाकी चारों तंत्र समाहित हैं। आकाश में वायु भी है, जल भी है और सूर्य भी है। प्रकृति के हर एक पहलू में सब कुछ विद्यमान है। आवश्यकता केवल हमारी दृष्टि की है, हम किस दृष्टिकोण से उसे देखते हैं और उसमें क्या खोज पाते हैं। इस दौरान शिक्षकों से पूछा कि प्लेन कैसे उड़ता है? शिक्षक ने सीएम डॉ. मोहन यादव से पूछा मुख्यमंत्री जी, एक विशेष और पर्सनलाइज्ड लर्निंग सॉफ्टवेयर को शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी? क्या इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करने की कोई योजना है? सीएम बोले- कांग्रेस के बोलने और करने में अंतर है कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के बोलने और करने में बहुत बड़ा अंतर है। इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि लगातार तीन बार राहुल गांधी जी और कांग्रेस, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की जीत को रोक नहीं पा रही है। कांग्रेस को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कहां कमी रह रही है और कहां गलतियां हो रही हैं। अतीत में कांग्रेस ने जो गलतियां कीं, उन गलतियों से सीखना भी जरूरी है। आज की पीढ़ी से लेकर आने वाली पीढ़ियों तक, जिन लोगों को कांग्रेस के शासनकाल में कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनके अवसर प्रभावित हुए और जो कई अवसरों से वंचित रह गए, इन सभी सवालों पर कांग्रेस को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अगर कांग्रेस वास्तव में बदलाव चाहती है, तो उसे केवल बोलने तक सीमित नहीं रहना होगा। उसे अपने अतीत की गलतियों को स्वीकार करना होगा, आत्ममंथन करना होगा और अपने काम तथा अपनी नीतियों के माध्यम से जनता का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा। सीएम बोले- दो वर्षों में 18,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई सीएम ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों में नई भर्तियों के माध्यम से नए लोगों को अवसर देने और विभागों में नई ऊर्जा एवं नई कार्यसंस्कृति लाने का काम किया है। लगभग दो वर्षों में 18,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। ट्रेनिंग के उपरांत हमने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से लेकर विभिन्न स्तरों के सभी पदों को भरने का काम किया। शिक्षकों की नियुक्तियां भी बड़े स्तर पर की गई हैं। आज हमने यह भी घोषणा की है कि TET की परीक्षा ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से 40,000 से अधिक शिक्षकों को प्रमोशन का अवसर मिलेगा। इससे नए पद सृजित होंगे और भविष्य में नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा। आज का यह सत्र युवा मित्रों के साथ संवाद का अवसर था। आने वाले 25–30 वर्षों तक हमारे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने में यही युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ हम प्रदेश को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश और तेज गति से आगे बढ़ेगा’ सीएम ने कहा- जब देश आगे बढ़ रहा है, तो मध्य प्रदेश भी उसी ताकत और गति के साथ आगे बढ़े, इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि 28–28 वर्ष की उम्र में युवा जिला शिक्षा अधिकारी बन रहे हैं। इसी तरह 27–28 वर्ष के अनेक युवा शिक्षकों से मिलकर, उनके साथ संवाद करके और उनके विचार जानकर भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे विद्यार्थी बड़े पैमाने पर मेरिट में स्थान बना रहे हैं। आज इन्हीं प्रयासों के बल पर हमारे शिक्षा तंत्र में ड्रॉपआउट दर लगभग शून्य हुई है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश और तेज गति से आगे बढ़ेगा और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
