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शराब पीकर तबीयत बिगड़ी, कुछ घंटे बाद मौत:परिजन बोले- घर बर्बाद हो गया, सागर के बाद देवास में जहरीली शराब से 13 मौतों का दावा

पति शराब पीकर काम पर गए थे, अचानक तबीयत बिगड़ी। कुछ घंटे बाद मौत हो गई। खराब शराब की वजह से घर बर्बाद हो गया। कमाने वाले पति ही थे। कोई पति का वापस ला सकता है क्या ?….. यह पीड़ा देवास जिले के चंदाना गांव की कविता परमार ने रोते हुए बताई। दावा है कि उनके पति राहुल परमार की शराब पीने के बाद मौत हो गई। कविता की तरह गांव के दूसरे परिवार भी अपनों को खोने के गम में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सबका कारण सिर्फ शराब है, जिसे पीने से किसी को उल्टियां हुई, किसी घबराहट, तो किसी की आंखों की रोशनी चली गई। परिजन बोले- सभी ने शराब पी थी, फिर बिगड़ी तबीयत
सागर में जहरीली शराब से 36 मौतों के बाद अब देवास में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है। यहां पिछले 20 दिन में 13 लोगों की मौत हो गई। परिजन का दावा है कि सभी ने शराब पी थी। इसके बाद तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ घंटों बाद मौत हो गई। सबसे ज्यादा 9 मौतें चंदाना और चार मौतें बिंजाना गांव में हुई हैं। शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी चंदाना गांव पहुंचे। उनका दावा है कि चंदाना और आसपास के गांवों में 22 मौतें हुई हैं। हालांकि प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया है। प्रभारी कलेक्टर दलीप कुमार का दावा है कि 1 से 15 अक्टूबर के बीच गांव में 10 मौतें दर्ज हुई हैं। विसरा जांच के लिए भेजा है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर चंदाना गांव पहुंची। यहां मृतकों के परिजन, सरपंच और कलेक्टर से बात कर हकीकत को जानने की कोशिश की। पढ़िए रिपोर्ट… गांव में सन्नाटा, बच्चों को पालने की चिंता
शिप्रा बायपास जाने वाले मार्ग पर मुख्य सड़क से लगा है चंदाना गांव। करीब दो हजार की आबादी है। मुख्य मार्ग पर एक घर के सामने कुछ लोग खड़े थे। वहां मौजूद एक शख्स से शराब पीने से मौत वाले घर का पता पूछा। उसने बताया कि यही घर मोहन जारोलिया का है। घर में मोहन के बड़े भाई राजेंद्र मिले। अंदर कुर्सी पर मोहन जारोलिया की तस्वीर रखी थी। राजेंद्र ने कहा कि भैय्या ने 7 अक्टूबर की रात शराब पी थी। इसके बाद वो सो गए। सुबह उठे ही नहीं। राजेंद्र ने भी कुछ घर छोड़कर ही मृतक किशोर और बालुराम का पता बताया। गांव में कहीं बेटे की तस्वीर के सामने मां बिलख रही है, तो कहीं पति की मौत के बाद पत्नी के सामने बच्चों को पालने की चिंता है। 27 सितंबर से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला पेट में दर्द, घबराहट और उल्टी हुई
ग्रामीणों के मुताबिक, चंदाना में शराब पीने से पहली मौत 27 सितंबर को किशोर परमार की हुई थी। इसके बाद अक्टूबर में भी लगातार मौतें सामने आईं। इनमें ज्यादातर की उम्र 30 से 40 साल के बीच है। इनमें से अधिकांश शराब पीते थे। गांव वालों ने बताया कि कुछ लोगों को पेट में परेशानी, घबराहट और उल्टी हुई, जबकि कुछ की आंखों की रोशनी प्रभावित होने का दावा किया गया। ग्रामीणों का सवाल है कि अगर बीमारी या किसी अन्य कारण से मौतें हुईं, तो शराब पीने वाले ही इसकी चपेट में क्यों आए? 17 अक्टूबर को दो ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी
ग्रामीणों के मुताबिक, 17 अक्टूबर को संजू (32), पिता राजाराम और फूलसिंह (55), पिता छोगालाल, की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। उन्हें चक्कर आने और घबराहट की शिकायत थी। प्राथमिक इलाज के बाद उज्जैन रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती हैं। पत्नी ने कहा- पति चले गए, तीन बेटियों की जिम्मेदारी
मृतक सुनील चौधरी की पत्नी सपना ने बताया कि उनके पति नेमावर नहाने गए थे, जहां से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली। उन्हें सिरदर्द और उल्टी हुई। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद हालत और बिगड़ गई। सपना के मुताबिक, उनके पति की 10 अक्टूबर को मौत हो गई। मां बोली- शराब पीकर सोया, सुबह तड़पने लगा
दीपक उर्फ दिलीप की मां कलाबाई ने बताया कि उनका बेटा शाम को शराब पीकर घर आया था और सो गया। सुबह उठने के बाद वह घबराने लगा और तड़पता रहा। उसे शिप्रा ले जाया गया, जहां दवा और इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, लीलाबाई ने बताया कि जितेंद्र की मौत के बाद परिवार को शराब पर संदेह है। उनका कहना है कि जितेंद्र कई साल से शराब पीता था, इसलिए हाल में सेवन की गई शराब की जांच होनी चाहिए। जितेंद्र के दो बच्चे हैं। बिंजाना में भी तीन मौतों का दावा
चंदाना के पास बिंजाना में भी तीन लोगों की मौत होने की बात वार्ड पार्षद गणेश पटेल ने कही। उनके मुताबिक, मृतकों में रमेश, ओमप्रकाश और निर्भय शामिल हैं। उनकी उम्र करीब 40 से 45 साल के बीच बताई गई है। पार्षद ने कहा कि तीनों शराब पीते थे और 15 दिनों के भीतर उनकी मौत हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ था। गांव में घर से शराब बेचने का आरोप
ग्रामीण विकास परमार का कहना है कि गांव में कई साल से शराब बेची जा रही है। विनोद जायसवाल अपने घर से शराब बेचता था। शराब की दुकान गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर है, लेकिन लोग गांव में ही शराब खरीदकर पीते थे। कुछ ग्रामीणों ने शराब की बिक्री के लिए ‘डायर सिस्टम’ इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही। घटना सामने आने के बाद कथित तौर पर शराब बेचने वाले कुछ घरों पर ताले लगे होने की बात ग्रामीणों ने बताई। 40 लोगों की आंखों पर असर: पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से बातचीत में चंदाना और आसपास के क्षेत्रों में करीब 22 मौतों की जानकारी सामने आई है। पटवारी ने दावा किया कि 30 से 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मौतों की वास्तविक संख्या सामने नहीं ला रहे। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री, प्रशासन की भूमिका और जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने कलेक्टर को सस्पेंड करने की बात कही। साथ ही, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। अफसर बोले- विसरा रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा कारण
प्रभारी कलेक्टर दलीप कुमार के मुताबिक जिन मृतकों का पोस्टमॉर्टम हुआ है, उनके विसरा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के कारण स्पष्ट होंगे। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग ने संबंधित बैच नंबर की शराब की जांच की। उसे जहरीला नहीं पाया है। यह भी पढ़ें- जिस शराब ने 36 जानें लीं, उसकी फैक्ट्री का VIDEO मध्यप्रदेश के सागर के बंडा में जहरीली शराब से अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। नकली शराब तैयार करने वाले ठिकाने का VIDEO सामने आया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा किया है, जिसकी कड़ियां दिल्ली, ग्वालियर, मुरैना और कानपुर तक जुड़ी हैं। पढ़ें पूरी खबर

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