शनिवार को शनिचरी अमावस्या के विशेष संयोग पर उज्जैन के त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान शनि को तेल चढ़ाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद घाट पर कपड़े और जूते-चप्पल भी छोड़ दिए। 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल इकट्ठा हुआ है, जबकि बड़ी मात्रा में कपड़े और जूते-चप्पल भी जमा हुए हैं। तेल की कीमत करीब 1 लाख रुपए देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान शनि को तेल अर्पित किया। 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल इकट्ठा हुआ। मंदिर प्रशासक कार्तिकेय सिंह सेंगर के अनुसार इसकी कीमत करीब एक लाख रुपए है। किसानों को पशुओं के लिए मिलेगा तेल
मंदिर में जमा तेल को किसानों को बेचा जाएगा। वे इसका उपयोग अपने पशुओं के लिए करेंगे। इससे मंदिर को भी आय होगी। घाट से कपड़े और जूते-चप्पल हटाए गए
श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद घाट पर कपड़े और जूते-चप्पल छोड़ दिए थे। नगर निगम ने सफाई कर इन्हें हटाया। इस काम में करीब 90 सफाई कर्मियों को लगाया गया। कपड़ों और जूतों का री-यूज किया जाएगा
कपड़ों से फाइल कवर और अन्य उपयोगी सामान बनाए जाएंगे। जूते-चप्पलों को मशीन से प्रोसेस कर ईंधन (आरडीएफ) बनाया जाएगा, जिसका उपयोग फैक्ट्रियों और बिजली संयंत्रों में होगा। उपयोगी सामान जरूरतमंदों को दिया जाएगा
जो कपड़े और जूते-चप्पल ठीक हालत में होंगे, उन्हें अलग रखा जाएगा और जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।
