भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड एरिया में खतरनाक ‘मड रैली’ और हुड़दंग पर विवाद खड़ा हो गया है। पर्यावरणविदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे जलीय जीव-जंतु के लिए बड़ा खतरा बताया है। अब मड रैली के आयोजकों पर एफआईआर की मांग भी की गई है। वहीं, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) में याचिका भी दाखिल की जा रही है। यह मड रैली रविवार को हुई थी। कई कारों का जमावड़ा और सैकड़ों लोगों की भीड़ ने सवाल खड़े किए हैं। खास बात ये है कि इतने खतरनाक इवेंट और भारी तादाद में लोगों की भीड़ होने के बावजूद न तो पुलिस को इसकी भनक लगी और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई की। जबकि, एनजीटी और जिला प्रशासन दोनों ही इसे लेकर रोक लगा चुके हैं। देशभर के वेटलैंड पर ऐसी एक्टिविटी पर रोक पर्यावरणविद् राशिद नूर ने बताया कि साल 2019 में एनजीटी की नई दिल्ली बैंच में याचिका दाखिल की थी। तब यहां बड़े स्तर पर मड रैली का आयोजन किया गया था। एनजीटी ने जनवरी 2020 में आदेश देकर भोपाल समेत देशभर में जितने भी वेटलैंड है, वहां पर मड रैली जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी गई। इस आदेश के बाद तत्कालीन भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी एक रैली की अनुमति निरस्त की थी। वेटलैंड के अलावा बाघ, तेंदुओं को रैली से खतरा बताया गया था। वहीं, याचिका दाखिल होने के बाद अगस्त-19 में डीएफओ ने रोक लगाने और मानीटरिंग करने के आदेश दिए थे। वेटलैंड एरिया में जलीय जीव के घोंसले, अंडे भी
एक्सपर्ट नूर का कहना है कि कलियासोत डैम में कई मगरमच्छ और घड़ियाल हैं। बड़ा तालाब में हजारों जलीय जंतु है। जिन्हें मड रैली जैसे आयोजनों से खतरा है। दूसरी ओर, वन विभाग के अनुसार, कलियासोत, केरवा डैम क्षेत्र में कई बाघों का भी मूवमेंट रहता है। मड रैलियों से उनके लिए भी खतरा हो गया है। भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर और भीड़भाड़ से जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि वेटलैंड क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर तत्काल सख्ती की जाए। नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर इस संवेदनशील क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाए। मड रैली की देखिए तस्वीरें… इतने बड़े आयोजन की भनक तक नहीं लगी कलियासोत डैम किनारे इस रविवार को सैकड़ों लोग जुटे। 50 से ज्यादा गाड़ियों के बीच रेस हुई। इस दौरान 8 से 10 गाड़ियां टकरा गई। वहीं, कुछ युवकों को चोंट भी लगी। बावजूद न तो जिला प्रशासन को इसकी जानकारी लगी और न ही पुलिस को। इस मामले में टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा का कहना है कि मड रैली के संबंध में जानकारी मिली है। राजस्व निरीक्षक को जांच के लिए भेजा है। अवैध तरीके से मड रैली निकालने पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, अब हर शनिवार और रविवार को टीम तैनात करेंगे। ताकि, आगे से इस प्रकार की मड रैली या अन्य कोई एक्टिविटी न हो सके। सोशल मीडिया पर नेटवर्क एक्सपर्ट का कहना है कि मड रैली को लेकर जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है। सिर्फ उन्हें ही जानकारी दी जाती है, जो इसका हिस्सा हो या मड रैली देखने के शौकीन। बकायदा सोशल मीडिया पर इनका नेटवर्क है। वॉट्सएप पर ग्रुप भी बने हुए हैं।
