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वर्ल्ड अपडेट्स:इजराइल ने हमास के आर्मी चीफ को हवाई हमले में मारा, 11 दिन पहले ही जिम्मेदारी मिली थी

इजराइल ने मंगलवार को गाजा में हमास की सैन्य शाखा के कमांडर मोहम्मद ओदेह को एक हवाई हमले में मारने का दावा किया है। चश्मदीदों के मुताबिक कम से कम पांच मिसाइलें अलग-अलग दिशाओं से लगभग एक साथ दागी गईं। ओदेह को 11 दिन पहले ही सैन्य शाखा कमांडर पद की जिम्मेदारी मिली थी। हमास के पिछले सैन्य कमांडर इज्ज अद दीन अल हद्दाद की 15 मई को इसी तरह के एक हमले में मार डाला था। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इजराइली सेना ने गाजा सिटी में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इसमें कम से कम 3 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हो गए। इजराइली सेना और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि मोहम्मद ओदेह जिस इमारत में छिपा हुआ था, उसे कई महीनों की निगरानी के बाद निशाना बनाया गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि ओदेह 7 अक्टूबर नरसंहार की योजना बनाने वालों में से एक था। बयान में कहा गया कि वह कई इजराइली नागरिकों और सैनिकों की हत्या, अपहरण और हमलों के लिए जिम्मेदार था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… सैन फ्रांसिस्को जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट रास्ते से दिल्ली लौटी, 8 घंटे तक हवा में रही दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट तकनीकी खराबी की वजह से बुधवार सुबह वापस दिल्ली लौट आई। विमान में करीब 230 यात्री सवार थे। एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि फ्लाइट AI-173 को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और अब उसकी तकनीकी जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार यह उड़ान बोइंग 777-300 ER प्लेन से संचालित हो रही थी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक विमान आठ घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रहा। उड़ान भरने के करीब 3 घंटे बाद, जब विमान चीन के हवाई क्षेत्र में था, तभी उसे वापस दिल्ली मोड़ने का फैसला लिया गया। एयर इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए कहा कि उन्हें जल्द से जल्द सैन फ्रांसिस्को भेजने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
एयरलाइन ने कहा कि इस दौरान यात्रियों को जरूरी सहायता दी जा रही है, जिसमें खाने-पीने की व्यवस्था, होटल में ठहराने की सुविधा और जरूरत के मुताबिक यात्रा दोबारा तय करने का विकल्प शामिल है। इजराइल विरोध की वजह से अमेरिकी सांसद पाकिस्तान से नाराज, कहा- अब्राहम समझौते पर ट्रम्प को जल्द जवाब दो अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान-इजराइल तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ बताता है, लेकिन उसका इजराइल के प्रति रवैया हमेशा से विरोधी रहा है। ग्राहम ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरानी सैन्य विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नेताओं के पुराने इजराइल विरोधी बयानों का भी जिक्र किया। ग्राहम ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के उस पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान कभी अब्राहम समझौते में शामिल नहीं होगा क्योंकि उसे इजराइल पर भरोसा नहीं है। ग्राहम ने कहा कि भले यह बयान पुराना हो, लेकिन सोच आज भी वही लगती है। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को राष्ट्रपति राष्ट्रपति की उस अपील पर जवाब देना चाहिए, जिसमें मुस्लिम देशों से इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने को कहा गया है। अब्राहम समझौते के तहत कुछ अरब देशों ने इजराइल के साथ राजनयिक रिश्ते बनाए थे और इजराइल को देश के रूप में मान्यता दी थी। ट्रम्प अब इस दायरे को और बढ़ाना चाहते हैं। पाकिस्तान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वो इजराइल को देश नहीं मानता है। पाकिस्तान लंबे समय से कहता रहा है कि वह फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान हुए बिना इजराइल को मान्यता नहीं देगा। ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील पैम बॉन्डी कैंसर से जूझ रहीं, एक महीने पहले ही पद से हटाया था ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… UN में भारत की पाक को दोटूक: सीमा पार आतंकवाद के परिणाम भुगतने होंगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा जवाब दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उसे आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और इस तरह की हरकतों के परिणाम पाकिस्तान को भुगतने होंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पार्वथनेनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान की टिप्पणियों को “बेबुनियाद और अनुचित” बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की शुरुआत ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण से हुई थी। पार्वथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध किए और लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देकर संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। UNSC की बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। भारत ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। पार्वथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से हर प्रकार के आतंकवाद का समर्थन बंद करना होगा। यूरोप में मई में ही रिकॉर्डतोड़ गर्मी: ब्रिटेन-फ्रांस में टूटा तापमान का रिकॉर्ड, हीटवेव से मौतें यूरोप इस समय खतरनाक और असामान्य हीटवेव की चपेट में है। ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन समेत कई देशों में मई में ही रिकॉर्डतोड़ तापमान दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों ने इसे क्लाइमेट चेंज का असर बताया है। ब्रिटेन में मंगलवार को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे एक दिन पहले लंदन के क्यू गार्डन्स में 34.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो मई का सबसे गर्म दिन बन गया। लंदन में मई के आखिर में सामान्य अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहता है। स्कॉटलैंड के एडिनबरा में जंगल में आग लग गई, जबकि दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में पानी की मांग बढ़ने से सैकड़ों घरों में सप्लाई प्रभावित हुई। ब्रिटेन में रात का तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया, जिसे ‘ट्रॉपिकल नाइट’ कहा जाता है। फ्रांस के मौसम विभाग मेटियो फ्रांस ने इसे “इस मौसम के लिए अभूतपूर्व गर्मी” बताया। फ्रांस सरकार के मुताबिक हीटवेव से जुड़ी घटनाओं में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कम से कम 5 लोगों की डूबने से मौत हुई। पेरिस में रनिंग इवेंट के दौरान 53 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि ल्योन में आयोजित खेल आयोजन में एक महिला की जान चली गई। स्पेन के मौसम विभाग AEMET ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पूरे पश्चिमी यूरोप में इस सप्ताह तापमान सामान्य से 10 से 15 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बना हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ‘हीट डोम’ सिस्टम की वजह से गर्म हवा लंबे समय तक एक जगह फंसी हुई है। आयरलैंड के मेनूथ यूनिवर्सिटी के क्लाइमेट रिसर्च सेंटर के निदेशक पीटर थॉर्न ने कहा कि इस तरह की हीटवेव क्लाइमेट चेंज की वजह से ज्यादा खतरनाक और ज्यादा संभावित हो गई हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले वर्षों में दुनिया को और ज्यादा भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। किम जोंग उन ने AI-गाइडेड मिसाइलें टेस्ट कीं: दक्षिण कोरिया सीमा पर तैनाती की तैयारी उत्तर कोरिया ने आधुनिक युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए AI-गाइडेड क्रूज मिसाइल, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और आर्टिलरी रॉकेट का परीक्षण किया। सरकारी मीडिया KCNA के मुताबिक ये परीक्षण किम जोंग उन की निगरानी में हुए। KCNA के मुताबिक उत्तर कोरिया ने टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों, लंबी दूरी के मल्टिपल लॉन्च आर्टिलरी रॉकेट और AI-गाइडेड प्रिसिजन क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान “स्पेशल मिशन वॉरहेड” की क्षमता, लंबी दूरी की रॉकेट प्रणाली की विश्वसनीयता और AI-आधारित टारगेटिंग सिस्टम की सटीकता का आकलन किया गया। किम जोंग उन ने कहा कि हथियार और ऑटोमेटेड लॉन्च सिस्टम को आधुनिक युद्ध की जरूरतों के मुताबिक सफलतापूर्वक अपग्रेड किया गया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया सीमा के पास तैनात आर्टिलरी यूनिट्स में इन क्रूज मिसाइलों को लगाया जाएगा। ये मिसाइलें 100 किलोमीटर दूर तक सटीक निशाना साध सकती हैं। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल उत्तर कोरिया सीमा से 100 किलोमीटर के दायरे में आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने सार्वजनिक रूप से मिसाइल सिस्टम में AI तकनीक इस्तेमाल करने की बात कही है। AI तकनीक रियल टाइम डेटा की मदद से टारगेट की पहचान और लॉकिंग करती है। दक्षिण कोरिया की सेना ने मंगलवार को कई प्रोजेक्टाइल और एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च का पता लगाने की पुष्टि की थी। पुतिन ने कजाकिस्तान को दिए 4 अमूर टाइगर: जंगल में छोड़े जाएंगे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कजाकिस्तान को 4 अमूर टाइगर गिफ्ट किए हैं। इनमें दो शावक भी शामिल हैं। यह कदम कजाकिस्तान में बाघों की संख्या बहाल करने की योजना का हिस्सा माना जा रहा है। क्रेमलिन की वेबसाइट पर जारी लेख में पुतिन ने बताया कि रूस के सुदूर पूर्वी खाबरोव्स्क क्षेत्र से पकड़े गए 4 अमूर टाइगर कजाकिस्तान भेजे गए हैं। इन टाइगरों को विमान से पहुंचाया गया और जल्द ही जंगल में छोड़ा जाएगा। कजाकिस्तान मध्य एशिया में बाघों की आबादी दोबारा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वहां अमूर टाइगर को विलुप्त हो चुके कैस्पियन टाइगर का करीबी रिश्तेदार माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन पहले भी कूटनीतिक रिश्तों में जानवरों का इस्तेमाल कर चुके हैं। 2022 में रूस ने उत्तर कोरिया को 30 ग्रे नस्ल के घोड़े भेजे थे। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन घुड़सवारी के शौकीन माने जाते हैं। कजाकिस्तान ऊर्जा संसाधनों और महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध देश है। उसकी सीमा रूस से लगती है और वह मॉस्को का करीबी सहयोगी माना जाता है। क्रेमलिन के मुताबिक पुतिन अपनी यात्रा के दौरान कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा परियोजना से जुड़े समझौते की निगरानी करेंगे। फिलहाल कजाकिस्तान में परमाणु बिजली उत्पादन नहीं होता है। इसके अलावा रूस के तेल को कजाकिस्तान के रास्ते चीन तक पहुंचाने की योजना पर भी बातचीत होगी। नासा का मून बेस प्लान: चंद्रमा पर बनेगा स्थायी ठिकाना
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में अगली योजनाओं का खुलासा किया है। नासा रोबोटिक लैंडर, ड्रोन, रोवर और न्यूक्लियर-सोलर पावर सिस्टम चंद्रमा भेजने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद 2032 तक इंसानों के लिए चंद्रमा पर अर्ध-स्थायी ठिकाना तैयार करना है। नासा ने मार्च में 20 अरब डॉलर के “इग्निशन मून बेस” प्रोग्राम का ऐलान किया था। इसके तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर न्यूक्लियर और सौर ऊर्जा से चलने वाला स्थायी बेस बनाया जाएगा। मानव मिशन से पहले नासा रोबोटिक लैंडर, हॉपिंग ड्रोन और रोवर्स भेजेगा। इनका काम चंद्रमा की सतह का नक्शा तैयार करना, कठिन इलाकों का अध्ययन करना और वैज्ञानिक उपकरण पहुंचाना होगा। नासा ने ब्लू ओरिजिन, इंट्यूटिव मशीन्स और एस्ट्रोबोटिक जैसी कंपनियों को मशीनें बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। अमेजन संस्थापक जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का “एंड्योरेंस” लैंडर सटीक लैंडिंग और ऑटोमैटिक नेविगेशन में सक्षम होगा। वहीं इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स “स्टारशिप ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम” बना रही है, जो इंसानों को चंद्रमा तक पहुंचाएगा। हालांकि, इस प्रोजेक्ट में कई देरी और तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। अमेरिका और चीन के बीच नई “स्पेस रेस” तेज हो गई है। चीन 2030 तक इंसानों को चंद्रमा पर उतारने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में उसने शेनझोउ-23 मिशन लॉन्च कर अंतरिक्ष यात्रियों को तियांगोंग स्पेस स्टेशन भेजा है। नासा के मुताबिक 2029 तक 25 रोबोटिक लॉन्च किए जाएंगे और करीब 4 मीट्रिक टन सामान चंद्रमा पर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वहां परमाणु और सौर ऊर्जा सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वहां जमी हुई बर्फ मिलने की संभावना है। इससे पीने का पानी, ऑक्सीजन और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए ईंधन तैयार किया जा सकता है।

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