नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा के क्षतिग्रस्त पुल और पाटन मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक को लेकर पाटन विधायक और पूर्व मंत्री अजय बिश्नोई ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि शहपुरा पुल पांच महीने बाद भी नहीं बन पाया है, जिससे पूरा भारी वाहन यातायात पाटन मार्ग से गुजर रहा है और आए दिन हादसे हो रहे हैं। ‘आज फिर एक जान चली गई’ अजय बिश्नोई ने लिखा, “भोपाल-जबलपुर का ट्रैफिक पाटन की ओर डायवर्ट होने से आज फिर एक जान चली गई। शहपुरा का पुल अब तक नहीं बन पाया है। भारी वाहनों के कारण पाटन की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि जबलपुर-पाटन सड़क को चौड़ा और मजबूत करने की योजना बजट में शामिल है, लेकिन यह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की प्राथमिकता में नहीं है, इसलिए निर्माण कार्य को अब तक मंजूरी नहीं मिली। सीएम को सौंपा पत्र बिश्नोई ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर पत्र सौंपा है। उन्होंने पाटन-जबलपुर और पाटन-मानकेड़ी सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द काम शुरू कराने का आग्रह किया है। तीन साल में ही क्षतिग्रस्त हुआ 400 करोड़ का पुल जबलपुर-भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा के पास करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बना रेलवे ओवरब्रिज तीन साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया। पहले दिसंबर में इसकी एक लेन धंस गई थी। इसके बाद हाल ही में दूसरी लेन का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद यातायात डायवर्ट करना पड़ा। अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई मामले के सामने आने के बाद मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए उनकी पेंशन रोकने के लिए पत्र जारी किया था। दोनों अधिकारियों को कार्य के प्रति लापरवाही का जिम्मेदार माना गया था।
