अमेरिका के लास वेगास में मंगलवार को एक F-35 फाइटर जेट क्रैश हो गया। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, यह हादसा नेलिस एयर फोर्स बेस के पास हुआ। विमान इंडियन स्प्रिंग्स से करीब 25 मील उत्तर-पूर्व में नेवादा टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज के प्रतिबंधित क्षेत्र में गिरा। हादसे के दौरान पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया, जिससे उसकी जान बच गई। अधिकारियों के अनुसार, पायलट को मामूली चोटें आई हैं और उसका इलाज चल रहा है। वायुसेना ने बताया कि दुर्घटना नियंत्रित एयरस्पेस में हुई और इससे आम लोगों को कोई खतरा नहीं हुआ। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह दुर्घटना क्यों हुई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रूस का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन क्रीमिया में क्रैश, 29 की मौत; चट्टान से टकराया रूस का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन An-26 मंगलवार को क्रीमिया में क्रैश हो गया। इसमें 23 यात्री और 6 क्रू सदस्य सवार थे। सभी की मौके पर ही मौत हो गई। रूसी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक, पहले विमान से संपर्क टूट गया था। बाद में यह चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है। An-26 प्लेन सोवियत दौर का सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान है। इसे एंटोनोव कंपनी ने बनाया था। इसकी पहली उड़ान 1969 में हुई थी। इसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामान को ले जाने के लिए किया जाता है। इसमें एक साथ दर्जनों सैनिक या भारी कार्गो ले जाया जा सकता है। इस विमान की खासियत है कि यह छोटे और खराब रनवे से भी उड़ान भर सकता है। इससे इसे दुर्गम और युद्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाता है। इसके पीछे बड़े कार्गो दरवाजे से एयरड्रॉप ऑपरेशन भी किए जा सकते हैं। 50 साल से ज्यादा पुराने डिजाइन के कारण इसकी सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। समय-समय पर इसके हादसे भी सामने आए हैं। आज भी कई देशों में यह विमान इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे इसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट विमानों से बदला जा रहा है। चीन- खाली फ्लैट खरीद परिजनों की अस्थियां रखने पर बैन:कब्रिस्तान महंगा होने पर लोग प्रॉपर्टी खरीद रहे थे, उसमें अस्थियां रखते थे चीन की सरकार एक नया कानून लाने जा रही है, जिसके तहत लोग अपने परिजनों की राख को खाली अपार्टमेंट में नहीं रख पाएंगे। इसे ‘बोन ऐश अपार्टमेंट’ कानून कहा जा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक कब्रिस्तानों के अलावा कहीं और शव दफनाने या मकबरे बनाने पर भी रोक होगी बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कब्रिस्तान लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में ‘गुहुई फांग’ यानी ऐसे फ्लैट्स का चलन बढ़ गया है, जहां लोग अपने परिजनों की अस्थियां रखते हैं। तेजी से शहरीकरण और बुजुर्ग आबादी बढ़ने के कारण शहरों में कब्रिस्तान की जमीन कम होती जा रही है और उनकी कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
