मध्य प्रदेश की एक सुरक्षित मानी जाने वाली सेंट्रल जेल कॉलोनी, एक जिम्मेदार जेल अधिकारी का घर और उनकी 16 साल की मासूम बेटी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस जगह पर कानून के रखवाले रहते हैं, वहीं एक ऐसा जघन्य अपराध होगा जो पूरे प्रदेश की रूह कंपा देगा। यह कहानी है एक ऐसे हत्याकांड की, जिसने यह साबित कर दिया कि खतरा हमेशा बाहर से नहीं आता, बल्कि कभी-कभी वह हमारे भरोसे की आड़ में घर के भीतर ही मौजूद होता है। पढ़िए पूरी कहानी… 21 फरवरी 1996: एक भयावह सुबह और वो नीली फ्रॉक तारीख थी 21 फरवरी 1996। सुबह का वक्त था और मध्य प्रदेश की सेंट्रल जेल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर-Y के पीछे अचानक हलचल बढ़ गई। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की भीड़ एक जगह जमा थी सबकी सांसें थमी हुई थीं और निगाहें घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक पर टिकी थीं। यह घर सहायक जेलर बी.एस. वर्मा (नाम परिवर्तित) का था। वर्मा की 16 वर्षीय बेटी टीना (नाम परिवर्तित) पिछले 24 घंटों से लापता थी। पूरा परिवार और मोहल्ला रात भर उसे ढूंढता रहा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उस सुबह जब वर्मा घर के पीछे गाय का दूध निकालने पहुंचे, तो उनकी नजर सेप्टिक टैंक पर पड़ी। वारदात का दिन: 20 फरवरी 1996 इस खौफनाक अंजाम की शुरुआत एक दिन पहले हुई थी। सहायक जेलर वर्मा अपने क्वार्टर में अपनी दो बेटियों 16 साल की टीना और 12 साल की क्षिप्रा (नाम परिवर्तित) के साथ रहते थे। उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य उन दिनों शहर से बाहर गए हुए थे। टीना दसवीं की छात्रा थी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटी थी। सुबह करीब 7 बजे छोटी बहन क्षिप्रा स्कूल चली गई। घर में टीना और उसके पिता रह गए। तभी रोज की तरह दो लोग काम पर पहुंचे। पहला था मोलाई, जो जेल में गार्ड था, और दूसरा था संतोष, जो एक सजायाफ्ता कैदी था और वर्मा के घर के बगीचे की देखभाल करता था। ये दोनों लंबे समय से घर आ-जा रहे थे और परिवार का अटूट विश्वास जीत चुके थे। सुबह 9 बजे जब वर्मा अपनी ड्यूटी पर निकले, तब घर में सिर्फ तीन लोग थे टीना, मोलाई और संतोष। वो चीख जिसे अनसुना कर दिया गया करीब 10 बजे के आसपास, पड़ोस में रहने वाले जेलर की पत्नी और उनकी बेटी प्राची ने एक तेज चीख सुनी। आवाज वर्मा के घर की तरफ से आई थी और साथ ही कुत्तों के भौंकने का शोर भी सुनाई दे रहा था। दोनों बाहर निकलीं, लेकिन उन्हें कुछ भी असामान्य नहीं दिखा। पास ही के मैदान में लड़के क्रिकेट खेल रहे थे और अक्सर गेंद घरों की बाउंड्री में गिरती रहती थी, इसलिए उन्होंने इसे सामान्य शोर समझकर नजरअंदाज कर दिया। करीब 11 बजे प्राची एक ऑडियो कैसेट लौटाने टीना के घर पहुंची। उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। रात भर तलाश किया कुछ पता नहीं चला दोपहर 12 बजे जब छोटी बहन क्षिप्रा स्कूल से लौटी, तो उसे भी वही जवाब मिला। हालांकि, उसे कुछ अजीब लगा। घर का एक कमरा अंदर से बंद था। कुछ देर बाद संतोष वहां से चला गया, लेकिन मोलाई वहीं रुका रहा। उसने क्षिप्रा को दो समोसे देते हुए कहा कि टीना उसके लिए मंगवाकर गई है। दोपहर 1:30 बजे जब पिता ड्यूटी से लौटे, तो उन्हें बताया गया कि टीना बाहर गई है। घर पर उसकी साइकिल भी नहीं थी, इसलिए शुरुआत में किसी को चिंता नहीं हुई। लेकिन जैसे-जैसे शाम ढली, बेचैनी बढ़ने लगी। टीना न तो किसी दोस्त के पास थी और न ही रिश्तेदारों के यहां। पूरी रात तलाश जारी रही। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट: दरिंदगी की इंतहा अगली सुबह शव मिलने के बाद जब पोस्टमॉर्टम हुआ, तो जो तथ्य सामने आए उन्होंने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि टीना के साथ पहले बलात्कार किया गया था और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्यारे इतने क्रूर थे कि उन्होंने शव पर चाकू से भी हमला किया था। शक उन्हीं पर था, जो तलाश में शामिल थे पुलिस की जांच की सुई तुरंत मोलाई और संतोष पर टिक गई। वे आखिरी लोग थे जिन्होंने टीना को जीवित देखा था। लेकिन उनकी सहजता और मोलाई का रात भर तलाश में शामिल रहना पुलिस को उलझा रहा था। ऐसे में अब ये सवाल खड़े थे- इन सवालों के जवाब पुलिस ने आखिरकार ढूंढ निकाले। इस सनसनीखेज मामले का अगला हिस्सा और भी चौंकाने वाला है। कल क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए ये भी पढ़ें… 1. पटवारी बोली- डिप्टी कलेक्टर ने मेरे साथ रेप किया, क्राइम फाइल्स पार्ट -1 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी उस हाईप्रोफाइल रेप केस की, जिसने सत्ता, सिस्टम और प्रशासनिक गलियारों में ऐसा भूचाल ला दिया कि मंत्रालय से लेकर कलेक्टोरेट तक सिर्फ उसी की चर्चा होने लगी। कटघरे में कोई आम आरोपी नहीं, बल्कि एक ताकतवर डिप्टी कलेक्टर खड़ा था। पढ़ें पूरी खबर… 2. डिप्टी कलेक्टर बोला- पटवारी से शारीरिक संबंध सहमति से बने, क्राइम फाइल्स पार्ट -2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि बड़वानी निवासी नीलेश (परिवर्तित नाम) अपनी मंगेतर अनीता (बदला हुआ नाम) के साथ नई जिंदगी के सपने देख रहा था। तभी एक फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया। पढ़ें पूरी खबर…
