राष्ट्रपति भवन के हस्तक्षेप के बाद बैतूल की एक आदिवासी महिला को अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लगभग दो साल बाद रविवार को प्राप्त हुआ है। इस दस्तावेज के अभाव में महिला सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही थी। यह मामला राष्ट्रपति भवन से असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तक पहुंचा था। आमला तहसील के ग्राम भयावाड़ी निवासी कलसिया उइके के पति धनसू उइके वर्ष 2023 में मजदूरी के लिए असम गए थे। 9 अक्टूबर 2023 को डिब्रूगढ़ जिले के लेगोटिया क्षेत्र में नदी में डूबने से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार भी असम में ही किया गया, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने के कारण परिवार को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद आमला के भाजपा कार्यकर्ता शफी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत कराया। राष्ट्रपति सचिवालय ने इस शिकायत को असम सरकार को भेजा। राष्ट्रपति को भेजे पत्र से मिली मदद
इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डिब्रूगढ़ प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। शफी ने बताया कि राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के कारण यह प्रक्रिया आसान हो सकी। आमला तहसीलदार ऋचा कौरव ने जानकारी दी कि नियमानुसार मृत्यु प्रमाण पत्र उसी राज्य में जारी किया जाता है, जहां व्यक्ति की मृत्यु हुई हो। इसी कारण यह प्रमाण पत्र असम प्रशासन द्वारा जारी किया गया है। आर्थिक सहायता असम की योजना से ही मिलेगी
तहसीलदार कौरव ने यह भी बताया कि यदि यह दुर्घटना मध्य प्रदेश में हुई होती, तो मृतक के आश्रित को आरबीसी 6-4 के तहत चार लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मिल सकती थी। लेकिन मृत्यु असम में हुई है, इसलिए आर्थिक सहायता का प्रकरण असम सरकार की योजना के अनुसार वहीं के प्रशासन द्वारा तैयार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे राज्यों से ऐसे दस्तावेज अपेक्षाकृत आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। लेकिन असम जैसे दूरस्थ राज्य से, जहां भाषा और प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियां भी होती हैं, मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करना काफी जटिल था। राष्ट्रपति सचिवालय के हस्तक्षेप और असम प्रशासन की सक्रियता के कारण ही यह प्रक्रिया अंततः पूरी हो सकी। महिला ने डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन, वहां के अधिकारियों तथा सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने से सरकारी योजनाओं और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का रास्ता खुल गया है। उसने असम प्रशासन को आभार का पत्र भी भेजा।
