ग्वालियर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के 168वें बलिदान दिवस पर 27वां बलिदान मेला आयोजित किया गया। लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने हुए इस कार्यक्रम में हजारों शहरवासी शामिल हुए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त-वाणिज्यकर मंत्री जगदीश देवड़ा मुख्य अतिथि थे, जबकि बलिदान मेला आयोजन समिति के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने अध्यक्षता की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद सुखदेव के वंशज अनुज थापर को ‘क्रांतिवीर परिजन सम्मान’ से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, भिंड जिले के शौर्य चक्र सम्मानित शहीद अनूप कुमार शर्मा के माता-पिता, राजेंद्री शर्मा और रामशंकर शर्मा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। शहीद अनूप कुमार शर्मा ने देश की रक्षा करते हुए चार आतंकियों को मार गिराया था। दो तस्वीरें देखिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत माता के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने ग्वालियर में आयोजित इस बलिदान मेले को नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला आयोजन बताया। देवड़ा ने ‘खूब लड़ी मर्दानी’ महानाट्य की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य मंचन को प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर एक व्यापक योजना बनाई जाएगी, ताकि युवा पीढ़ी रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और उनके संघर्ष से परिचित हो सके। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 1857 में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती देते हुए ग्वालियर पर शासन किया और अंततः देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।
