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इंदौर में विश्व सिकल सेल दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों ने ली शपथ, विवाह पूर्व जांच कराने कासंकल्प

विश्व सिकल सेल दिवस (19 जून) के उपलक्ष्य में इंदौर स्थित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष बीएचएमएस के विद्यार्थियों को सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं विवाह पूर्व सिकल सेल जांच कराएंगे और कम से कम 10 अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। श्री गुजराती समाज, इंदौर द्वारा संचालित महाविद्यालय के फिजियोलॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ए.के. द्विवेदी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसे समय पर जांच, आनुवंशिक परामर्श और जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि विवाह से पहले सिकल सेल वाहकों (कैरियर्स) की पहचान कर ली जाए तो आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि वे पिछले 29 वर्षों से शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विषय में रक्त एवं रक्त संबंधी रोगों का अध्यापन कर रहे हैं और समाज में एनीमिया तथा अन्य रक्त विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान संचालित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और रक्ताल्पता जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। तभी देश “एनीमिया मुक्त भारत-2047” और “सिकल सेल मुक्त भारत-2047” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिकल सेल एनीमिया हीमोग्लोबिन जीन में परिवर्तन के कारण होने वाला आनुवंशिक रोग है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार प्रभावित होता है और रोगी को एनीमिया, कमजोरी, बार-बार संक्रमण, तीव्र दर्द तथा विभिन्न अंगों से जुड़ी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि “अपनी स्थिति जानें, विवाह से पूर्व सिकल सेल जांच कराएं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित बनाएं।” उपस्थित विद्यार्थियों ने सिकल सेल मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों, फिजियोलॉजी विभाग के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और जन-जागरूकता अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

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