मध्यप्रदेश के लिए दुबई से बड़ी निवेश खबर सामने आई है। राणा होल्डिंग्स ने प्रदेश में अगले 10 साल में ₹35 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा है। कंपनी का प्रमुख निवेश सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण, एआई और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी जैसे क्षेत्रों में होगा। कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के अनुसार प्रस्तावित निवेश से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन राणा होल्डिंग्स के एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ वन-टू-वन बैठक में यह निवेश कार्यक्रम आगे बढ़ाने पर चर्चा की। प्रस्तावित 10 वर्षीय कार्यक्रम को अलग-अलग परियोजनाओं और निर्धारित चरणों के साथ लागू करने की योजना है। इसमें ऊर्जा और डिजिटल अधोसंरचना से लेकर अत्याधुनिक विनिर्माण तक के क्षेत्र शामिल हैं। CM ने निवेशकों को बताया एमपी का इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मॉडल मुख्यमंत्री ने बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, बिजली और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा पर तेजी से काम हो रहा है और निवेशकों के लिए लैंड बैंक तथा बिजली की उपलब्धता महत्वपूर्ण फायदे हैं। राज्य सरकार भूमि, अधोसंरचना, कौशल प्रशिक्षण, स्वीकृतियों और परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन में सहयोग करेगी। दुबई में मुख्यमंत्री ने एक ही दिन कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से बैठकें कीं। इन बैठकों में लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, डेटा सेंटर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रिटेल, कृषि उत्पादों के निर्यात, वीजा सेवाओं और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के लिए निवेश और साझेदारी की संभावनाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री ने अधिकांश कंपनियों के प्रतिनिधियों को अगले साल भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। राणा होल्डिंग्स: 10 साल में ₹35 हजार करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राणा होल्डिंग्स के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में 10 वर्षीय निवेश कार्यक्रम पर चर्चा हुई। एमपीआईडीसी के अनुसार कंपनी का प्रस्तावित निवेश ₹35 हजार करोड़ है और इससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। निवेश में सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण, एआई, क्लाउड और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग डेटा सेंटर कैंपस, क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। इसके अलावा ई-मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि मशीनरी निर्माण को स्थानीय आपूर्ति शृंखला से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। डीपी वर्ल्ड: पावर खेड़ा बनेगा लॉजिस्टिक्स गेटवे डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार के साथ बैठक में पावरखेडा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं के विस्तार के साथ औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को इससे जोड़ने की योजना पर बात हुई। मध्यप्रदेश के निर्यातकों को प्रमुख बंदरगाहों और वैश्विक व्यापार गलियारों से जोड़ने तथा रेल आधारित माल परिवहन से लॉजिस्टिक्स लागत और समय कम करने पर भी जोर दिया गया। इससे किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को निर्यात में मदद मिल सकती है। शराफ ग्रुप: इंदौर-पीथमपुर में ₹450 करोड़ तक का पार्क शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ बैठक में 30 से 50 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹250 से ₹450 करोड़ के निवेश से रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश की इच्छुक है। प्रस्तावित परियोजना से करीब 300 से 600 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, क्षेत्रीय वितरण केंद्र और कृषि, खाद्य तथा फार्मा के लिए कोल्ड-चेन विकसित करने पर भी चर्चा हुई। चोइथराम: किसानों के उत्पाद खाड़ी देशों तक चोइथराम समूह के चेयरमैन एलटी पगरानी के साथ बैठक में प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट, आधुनिक किराना रिटेल, केंद्रीय वितरण केंद्र, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। समूह मध्यप्रदेश के किसानों और स्थानीय उत्पादकों से सीधे कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद खरीदने तथा उन्हें अपने खाड़ी देशों के खुदरा नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगा। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी ब्रांड निर्माण की संभावनाएं भी तलाशी गईं। जेम्स एजुकेशन: भोपाल-इंदौर में खुलेंगे इंटरनेशनल स्कूल जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की के साथ बैठक में प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी ने भोपाल और इंदौर में स्कूल खोलने में रुचि दिखाई है। इन स्कूलों में एसटीईएम, एआई, कोडिंग, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू करने पर चर्चा हुई। शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल नेतृत्व विकास भी योजना का हिस्सा होगा। ब्यूमर्क: हेल्थ, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा में निवेश ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन के साथ बैठक में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, तकनीक, ऊर्जा और उपभोक्ता क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, संसाधन दक्षता और टिकाऊ परियोजनाओं में निवेश के साथ मध्यप्रदेश की उभरती कंपनियों को पूंजी और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर भी काम कर सकती है। वीएफएस ग्लोबल: भोपाल-इंदौर में वीजा सेवाओं का विस्तार वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर के साथ बैठक में भोपाल और इंदौर में वीजा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई। यात्रियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार हुआ। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। क्रेसेंट ग्रुप: ऊर्जा और तकनीक में साझेदारी क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के सीईओ बद्र जाफर के साथ बैठक में ऊर्जा, अधोसंरचना, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और तकनीक के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी ने जीआईएस-2027 में प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल होने की सहमति जताई। जाफर के अनुसार वे अपने पारिवारिक व्यवसाय के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना में निवेश की संभावनाएं तलाशेंगे। उनके उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी मध्यप्रदेश भेजे जाने की बात कही गई। बीईईएएच: कचरे से ऊर्जा बनाने में साझेदारी शारजाह में बीईईएएच मुख्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री ने ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मोबिलिटी पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इंदौर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी मॉडल का उल्लेख करते हुए बीईईएएच के साथ मिलकर नए समाधान विकसित करने का प्रस्ताव रखा। प्रदेश के नगर निगमों में आधुनिक कचरा प्रबंधन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। शारजाह चैंबर: बनेगा बिजनेस फोरम शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह के कारोबारी प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। दोनों क्षेत्रों के उद्यमियों के बीच क्षेत्रवार बी2बी बैठकें कराने के लिए ‘मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड-चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन को निवेश के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सामने रखा गया।
