यमन में लगातार दूसरे दिन हवाई हमला हुआ है। शनिवार को राजधानी सना के पास अल-शरिया गांव में हुए हमले में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे बताए जा रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने आरोप लागाया कि हमले के पीछे सऊदी अरब का हाथ है। हालांकि सऊदी अरब की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे एक दिन पहले दक्षिणी यमन के एक बाजार पर हवाई हमला हुआ था। हूती विद्रोहियों के मुताबिक, इस हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी। इस तरह दोनों घटनाओं में 52 लोगों की मौत हुई है। एक दिन पहले हुए हमले की 2 तस्वीरें हूतियों ने राष्ट्रपति भवन पर 5 मिसाइलें दागी थीं 15 अक्टूबर को यमन के अदन शहर में हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। हमले के समय प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री परिसर में मौजूद थे, लेकिन सभी सुरक्षित रहे। यमन के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, हमले में 5 लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में दो सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने परिसर में मौजूद सऊदी अरब के सैन्य अभियान मुख्यालय और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी। सऊदी समर्थित सेना हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले कर रही सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार की सेना का कहना है कि वह हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में हवाई हमले कर रहा है। इन हमलों में विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों और हथियारों से जुड़े ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। जमीन पर सबसे भीषण लड़ाई ताइज शहर के आसपास हो रही है। यह दक्षिण यमन का एक अहम शहर है, जिस पर सरकार का कब्जा है। हूती विद्रोहियों ने अब इसे चारों तरफ से घेर लिया है। इससे वहां पहले से खराब मानवीय संकट और बढ़ गया है। संघर्ष में अब तक 1,600 से ज्यादा लोग मारे गए यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार की सेना के बीच जुलाई में फिर लड़ाई शुरू हो गई। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इसके बाद से अब तक 1,600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 3 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। इस लड़ाई में सऊदी अरब यमन सरकार की सेना का समर्थन कर रहा है। जुलाई से वह हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले भी कर रहा है। जवाब में हूती विद्रोही भी सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं। 2015 में शुरू हुआ था सऊदी और हूतियों के बीच संघर्ष यमन में हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। सऊदी अरब चाहता था कि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार फिर से सत्ता में आए और हूतियों का कब्जा खत्म हो। कई साल तक चले हवाई हमलों के बावजूद सऊदी गठबंधन हूतियों को पूरी तरह पीछे नहीं धकेल पाया। हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। इस संघर्ष के कारण सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- सऊदी क्राउन प्रिंस बंकर वाले महलों में रह रहे: हूती विद्रोहियों के डर से ठिकाना बदल रहे; इस महीने रियाद एयरपोर्ट पर 20 हमले किए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान हूती विद्रोहियों के हमले के डर से बंकरों वाले महलों में रहने को मजबूर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
