सतना चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के सामने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। विधायक गहरवार ने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति इतनी खराब है कि “विधायक जी मर जाएं या पांच साल पूरे हो जाएं, तब काम होगा।” उन्होंने सड़कों के निर्माण और विभागीय कामकाज को लेकर अधिकारियों पर सवाल उठाए। 1100 करोड़ की सड़कें स्वीकृत, गुणवत्ता पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए की सड़कों को मंजूरी मिली है। उनका आरोप है कि कई सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब होने लगीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सड़कों का काम कागजों में पूरा दिखाया गया, लेकिन मौके पर निर्माण नजर नहीं आता। विधायक ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया। मझगवां SDO की कार्यप्रणाली पर भी सवाल गहरवार ने PWD के मझगवां में प्रभारी SDO अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। विधायक ने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी विकास कार्यों से ज्यादा वसूली पर ध्यान दे रहे हैं। विरोध के बाद SDO हटाए गए विधायक की नाराजगी के बाद PWD के मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे ने मझगवां के प्रभारी SDO अश्वनी निगम को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर सहायक इंजीनियर को मझगवां का प्रभार सौंपा गया है। मुख्य अभियंता ने विधायक को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं का परीक्षण किया जाएगा और जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। अब विधायक के आरोपों के बाद 1100 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। कागजों में पूर्ण बताई जा रही सड़कों की वास्तविक स्थिति की जांच होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
