स्वामित्व योजना की भूमि पर काबिज 50 लाख हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री में रोड़ा बने पटवारियों की वर्षों से लंबित मांग राज्य सरकार ने मान ली है। अब राजस्व विभाग ने प्रदेश में पटवारियों को राजस्व निरीक्षक (RI) पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन ने सभी जिलों के कलेक्टरों से पटवारियों की सेवा संबंधी जानकारी मांगी है। इसके लिए 1050 पटवारियों की सूची भी जारी की गई है और उनकी पदोन्नति की कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पदोन्नति नियम 2025 के आधार पर करने की तैयारी है। आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार म.प्र. भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित (कार्यपालिक एवं तकनीकी) सेवा भर्ती नियम 2012 में 18 जून 2018 को किए गए संशोधन के आधार पर यह पदोन्नति की कार्रवाई की जाएगी। इसके प्रावधानों के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 को 50 वर्ष से कम आयु वाले पटवारियों की राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए सूची तैयार की गई है। पत्र में कलेक्टरों से कहा गया है कि यदि कोई ऐसा पटवारी है। जिसकी 1 जनवरी 2026 को आयु 50 वर्ष से कम है और जिसकी पटवारी संवर्ग में नियुक्ति जून 2007 या उससे पहले हुई है, लेकिन उसका नाम भेजी गई सूची में शामिल नहीं है, तो ऐसे पटवारी का नाम भी सूची में जोड़ा जाए। सूची में किसी प्रकार की गलती या संशोधन की आवश्यकता होने पर कार्यालय स्तर से सुधार कर संबंधित दस्तावेजों के साथ जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 30 सितंबर तक जानकारी भेजेंगे कलेक्टर आयुक्त कार्यालय ने यह जानकारी कलेक्टरों के माध्यम से जिलों में इसका काम करने वाले संबंधित तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन और संबंधित लिपिक, नायब तहसीलदार के जरिये मांगी है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि मांगी गई जानकारी 30 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर दें। स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री का विरोध कर रहे पटवारी स्वामित्व योजना में पटवारियों को 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्री करने के लिए सरकार ने निष्पादक (रजिस्ट्रीकर्ता) बनाया है। पटवारी इसके लीगल बिन्दुओं का विरोध करते हुए अपनी वर्षों से लंबित मांगें भी पूरी करने के लिए कह रहे थे, जिसमें से पटवारी से आरआई की पदोन्नति की मांग स्वीकार कर ली गई है और कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी गई है।
