मध्य प्रदेश सरकार बालाघाट जिले के आदिवासी क्षेत्र में मृत बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रभावित ग्राम बोंदारी के दौरे के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह 11 बजे लांजी पहुंचे और उसके बाद ग्राम कोरका व बोंदारी का दौरा किया। बोंदारी में उन्होंने एक सभा मंच पर मंत्रियों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के संबंध में जानकारी ली और पोषण आहार की स्थिति पर भी चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रीय विधायकों ने उन्हें वनाधिकार पट्टों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। आदिवासी बहनों ने बांधी राखी इस दौरान आदिवासी बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री और मंत्री इस कोर आदिवासी क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलियों ने एक मंत्री की हत्या कर दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवादी आंदोलन को समाप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास और आदिवासियों के रहन-सहन में सुधार लाने की चुनौती है, जिसे सभी मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पोषण आहार, चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार सहित सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। नक्सलवाद के हटने से सामने आया मामला मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यदि नक्सलवाद सक्रिय होता तो ये मुद्दे सामने नहीं आते। उन्होंने कहा कि लगातार क्षेत्र में जाने से और भी कई बातें सामने आएंगी, जिन पर सुधार और बदलाव की आवश्यकता होगी। डॉ. यादव ने बताया कि आदिवासियों को वनाधिकार के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बालाघाट को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर सरकार लगातार ध्यान केंद्रित करेगी। ये भी रहे मौजूद इस अवसर पर प्रभारी मंत्री उदयप्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, मधु भगत, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
