दतिया उपचुनाव का नतीजा कुछ ही देर में साफ होगा। पिछले 12 साल के उपचुनावों में बीजेपी का पलड़ा कांग्रेस पर भारी रहा है। 2014 से 2026 तक मप्र में विधानसभा और लोकसभा के कुल 52 उपचुनाव हुए। इनमें विधानसभा के 49 और लोकसभा के 3 उपचुनाव शामिल रहे। दोनों चुनाव मिलाकर बीजेपी का स्ट्राइक रेट 63 फीसदी और कांग्रेस का 37 फीसदी रहा है। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायकों की जीत का स्ट्राइक रेट 70 फीसदी से ज्यादा रहा है। जानकारों का मानना है कि उपचुनावों में ज्यादातर उसी दल की जीत होती है, जिसकी प्रदेश में सरकार होती है। हालांकि, कुछ सीटों पर मतदाताओं ने पार्टी की बजाय प्रत्याशियों को वोट दिया। मप्र में इस समय बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। दतिया सीट पर बीजेपी की जीत होने पर उसके विधायक 165 हो जाएंगे। कांग्रेस की जीत होने पर उसके विधायकों की संख्या 65 हो जाएगी। पढ़िए रिपोर्ट… साल 2014 से 2018: विधानसभा के 13 और लोकसभा के 2 उपचुनाव हुए 2014 से 2018 के बीच मप्र में विधानसभा के 13 और लोकसभा के 2 उपचुनाव हुए थे। विधानसभा की 13 सीटों में बीजेपी ने 8 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीती थीं। बीजेपी का स्ट्राइक रेट 62 फीसदी और कांग्रेस का 38 फीसदी रहा। लोकसभा के 2 उपचुनाव में 1-1 सीट बीजेपी और कांग्रेस के खाते में गई थी। दोनों का स्ट्राइक रेट 50-50 फीसदी रहा। अब सिलसिलेवार जानिए किस उपचुनाव में दोनों पार्टियों का क्या परफॉर्मेंस रहा साल 2019 से 2024: विधानसभा के 36, लोकसभा का 1 उपचुनाव साल 2019 से 2024 के बीच मप्र में 37 उपचुनाव हुए हैं। इनमें विधानसभा की 36 और लोकसभा की 1 सीट शामिल है। कांग्रेस ने विधानसभा की 13 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने 23 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट जीती थी। बीजेपी का स्ट्राइक रेट 64 फीसदी और कांग्रेस का 36 फीसदी रहा। 2020 में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता बदल गई थी। साल 2019 में झाबुआ विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस जीती थी
