छतरपुर केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की मांगों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने गुरुवार देर शाम अपना 18 दिवसीय आमरण अनशन समाप्त कर दिया। जिला अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे सीधे बिजावर रेस्ट हाउस पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद सकारात्मक माहौल बना। यह आंदोलन 3 जुलाई से केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े विभिन्न स्थानीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर चल रहा था। अमित भटनागर ने 6 जुलाई को आमरण अनशन शुरू किया था। 19 जुलाई की तड़के पुलिस और प्रशासन ने आंदोलन स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया था, जिसके बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर भटनागर को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वे पिछले पांच दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थे। गुरुवार देर शाम अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अमित भटनागर बिजावर रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारी पक्ष के बीच लंबी चर्चा हुई। बताया गया कि आंदोलन से जुड़ी मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई और सकारात्मक पहल का भरोसा दिए जाने के बाद अनशन समाप्त करने पर सहमति बनी। प्रशासन के संवेदनशील संवाद और समन्वय प्रयासों से यह गतिरोध समाप्त हो सका। इसके बाद अमित भटनागर ने अपनी माताजी और क्षेत्र की महिलाओं के हाथों नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आमरण अनशन समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित हुआ है। उनके अनशन समाप्त करते ही समर्थकों ने राहत की सांस ली। पूरी प्रक्रिया के दौरान एडीएम विनय द्विवेदी, तहसीलदार अभिनव शर्मा, तहसीलदार ओमप्रकाश अहिरवार, तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम, बिजावर थाना प्रभारी गुरुदत्त शेषा सहित पुलिस एवं प्रशासन का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर किस प्रकार और कितनी जल्दी अमल करता है।
