बैतूल में एक व्हाट्सएप मैसेज में रखी गई कथित अमानवीय शर्त ने एक परिवार को उजाड़ दिया। पुलिस जांच के मुताबिक, दामाद ने अपनी पत्नी से कहा था कि यदि उसे ससुराल लौटना है तो पहले अपनी मां के मुंह पर थूके, थप्पड़ मारे और उसका वीडियो बनाकर भेजे। बताया जाता है कि यह संदेश जब मां तक पहुंचा तो वह गहरे सदमे में चली गईं। कुछ समय बाद उन्होंने पंचायत भवन परिसर में आंवले के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच में मिले सुसाइड नोट और व्हाट्सएप चैट के आधार पर पुलिस ने पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, थाना चोपना क्षेत्र के ग्राम झोली-01 में 15 जुलाई की सुबह 40 वर्षीय महिला अर्चना सरकार का शव पंचायत भवन परिसर में आंवले के पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने जांच की दिशा बदल दी। सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप पुलिस को मिले सुसाइड नोट में महिला अर्चना सरकार ने लिखा था कि उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। परिवार को लगातार अपमानित किया जा रहा था और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उन्होंने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों का भी उल्लेख किया। पुलिस ने सुसाइड नोट का डिजिटल साक्ष्यों से मिलान किया, जिसके बाद मामला आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना का पाया गया। प्रेम विवाह के बाद शुरू हुई प्रताड़ना जांच में सामने आया कि मृतका अर्चना सरकार की बेटी ने वासुदेव बछाड़ से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे, लेकिन बाद में सामाजिक रीति-रिवाज से 5 दिसंबर 2025 को दोनों का विवाह करा दिया गया। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद पति, ससुर, सास और ननदोई ने दहेज में कार और तीन लाख रुपए नकद की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई। पुलिस के अनुसार, चार माह की गर्भावस्था के दौरान भी उसके साथ मारपीट की गई और मायके वालों को जान से मारने की धमकियां दी गईं। व्हाट्सएप चैट बनी अहम सबूत जांच के दौरान पुलिस को व्हाट्सएप चैट मिली। पुलिस के मुताबिक, पति ने अपनी पत्नी को संदेश भेजा था कि यदि उसे वापस ससुराल आना है तो पहले अपनी मां के मुंह पर थूके, थप्पड़ मारे और उसका वीडियो भेजे। पुलिस का कहना है कि इसी चैट को जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
संदेश पढ़कर सदमे में चली गई मां पुलिस जांच के अनुसार, जब यह संदेश अर्चना सरकार तक पहुंचा तो वह मानसिक रूप से टूट गईं। बेटी के सम्मान और अपने आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने के कारण वह गहरे सदमे में चली गईं। इसके कुछ समय बाद वह घर से निकलीं और पंचायत भवन परिसर में जाकर फांसी लगा ली। पति, सास-ससुर और ननदोई गिरफ्तार मर्ग जांच पूरी होने के बाद चोपना थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 85 (क्रूरता), 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया। बुधवार को पुलिस ने पति वासुदेव बछाड़ (28), ससुर सचिन बछाड़ (58), सास कविता बछाड़ (45) और नंदोई विपुल बैरागी (34) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
