महू में श्रावण मास के पहले सोमवार को शहर के आराध्य चक्की वाले महादेव की पालकी यात्रा निकाली गई। शाम 5 बजे विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद भगवान पालकी में विराजित होकर मंदिर से निकले। इस दौरान “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा शहर शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालु ढोल-ताशों, बैंड और डमरू की धुन पर नाचते-गाते यात्रा में शामिल हुए। यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान शिव के मनमहेश स्वरूप की झांकी रही। प्रशासन द्वारा हाथियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कारण आयोजकों ने एक आर्टिफिशियल हाथी पर भगवान के मनमहेश स्वरूप को विराजित कर नगर भ्रमण कराया। इसके अतिरिक्त, उमा-महेश, चंद्रमोलेश्वर और महाकाल सेहरा दर्शन की झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। चक्की वाले महादेव पारंपरिक पालकी में विराजित होकर भक्तों को दर्शन देते रहे। पालकी यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। महिलाओं ने अपने घरों के बाहर आरती उतारी, वहीं कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत मंच लगाकर श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की। शाम ढलते ही कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई। अखाड़ों में करबत दिखाए यात्रा में मां अहिल्या महिला शक्ति अखाड़ा की बालिकाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक शस्त्रों के प्रभावशाली करतब दिखाए। दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। यात्रा मार्ग को पांच सेक्टर में विभाजित कर लगभग 110 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। संवेदनशील स्थानों और ऊंची इमारतों पर भी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की निगरानी में पूरी पालकी यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
