महाकालेश्वर की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी 31 अगस्त को निकलेगी। इसमें पहली बार सामाजिक संस्थाओं की ओर से एक रोबोट शामिल किया जाएगा। मंदिर समिति की अनुमति से शामिल होने वाला रोबोट रामघाट पर पालकी पहुंचने पर शिव धुन सुनाएगा और आरती में भी शामिल होगा। इसे कुछ दूरी तक सवारी के साथ चलाया जाएगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार रोबोट इंदौर की निजी कंपनी ने बनाया है। इसे भीड़ में चलने और अव्यवस्था होने पर कंट्रोल रूम को स्वत: सूचना भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। पांच स्वरूपों में दर्शन देंगे महाकाल
सवारी में 84 महादेव की झांकी होगी। पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, बैलगाड़ी पर उमा-महेश और डोल रथ पर होलकर मुखौटा स्वरूप में महाकाल नगर भ्रमण करेंगे। सफल रहने पर आगामी सवारियों और सिंहस्थ में इसका उपयोग किया जा सकता है।
