Homeमध्यप्रदेशभोपाल में 7%, इंदौर में 2%-उज्जैन में 14% कम बारिश:एमपी में सूखे...

भोपाल में 7%, इंदौर में 2%-उज्जैन में 14% कम बारिश:एमपी में सूखे जैसे हालात; अगले 3 दिन तेज बारिश, भरपाई की उम्मीद

मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन अब तक 16.3 इंच बारिश हुई है, जो औसत से 18% कम है। इस वजह से प्रदेश में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत 49 जिलों की स्थिति ठीक नहीं है। सिर्फ 6 जिले ही बेहतर स्थिति में हैं। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल के 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। 5 बड़े शहरों की बात करें तो सिर्फ ग्वालियर में ही औसत से 7% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि भोपाल में औसत से 7%, इंदौर में 2%, उज्जैन में 14% और जबलपुर में 29% कम बारिश हुई है। 3 दिन तेज बारिश, उत्तरी हिस्सा भीगेगा
मौसम केंद्र (IMD) की मानें तो अगले 3 दिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा और तेज बारिश का दौर लगातार चला तो बारिश के आंकड़े में सुधार आने की उम्मीद है। गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव है, जिसका असर अगले कुछ दिनों में प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस वजह से लगातार तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। प्रदेश में कोटे की आधी बारिश भी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 20 इंच (507.2 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 3.7 इंच यानी 19% बारिश कम हुई है। इस सीजन में अब तक हुई बारिश कोटे की आधी भी नहीं है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम
मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से बारिश का आंकड़ा बढ़ा। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। इसके बावजूद जुलाई में 13% कम बारिश हुई है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिलों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक होती है। MP के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड
भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी
इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है। ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड
ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है। जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी
जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी। जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश
उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here