मानसून दस्तक देने को है, लेकिन एमपी के शहरों की तैयारियां अब भी अधूरी हैं। भोपाल में मेट्रो, फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और चौड़ीकरण की वजह से सड़कें खुदी पड़ी हैं, तो दूसरी तरफ हर साल जलभराव से जूझने वाले इलाके के लोग फिर चिंता में है। साल बदले, लेकिन इलाकों के हालात नहीं। यही हाल इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर के भी है। मेट्रो की वजह से इंदौर में सड़कें खुदी हुई हैं। उज्जैन में सिंहस्थ के काम चल रहे हैं। चाहे इंदौर रोड हो या, मक्सी, आगर-मालवा, बड़नगर रोड। बीच शहर में भी काम चल रहे हैं। बारिश में काम की रफ्तार धीमी होगी, पर मुसीबतें बढ़ जाएगी। ये निर्माण कार्य मानसून में हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। चार महीने पहले इंदौर में एक बाइक सवार की ऐसे ही एक गड्ढे में गिरकर मौत हो चुकी है। सवाल यह है कि पहली तेज बारिश के बाद क्या ये शहर सामान्य रहेंगे या फिर सड़कें तालाब और चौराहे झील में बदल जाएंगे? दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको दिखाएंगे वे रास्ते और इलाके, जहां बारिश के दौरान परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ सकती है। साथ ही जानेंगे कि प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए क्या तैयारी की है और क्या पिछले वर्षों की गलतियों से कोई सबक लिया गया है? जानिए शहरों का रियलिटी चेक…। सबसे पहले भोपाल के हाल…थोड़ी सी बारिश और जाम लगेगा भोपाल में ऑरेंज लाइन के दूसरे रूट- सुभाषनगर से करोंद के बीच 10 किमी में काम चल रहा है। भोपाल स्टेशन के बाहर अंडरग्राउंड तो सिंधी कॉलोनी, करोंद, आरिफ नगर समेत पुराने शहर से पिलर खड़े हैं। इससे सड़क की चौड़ाई आधी हो गई है। विधायक आतिफ अकील ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। फिर भी सुधार नहीं हुआ है। इससे बारिश में दिक्कतें बढ़ जाएंगी। यही हाल मेट्रो की ब्लू लाइन- भदभदा से रत्नागिरी तक के है। न्यू मार्केट से भदभदा तक सड़क छोटी हो गई है। वहीं, रायसेन रोड पर भी ऐसे ही हाल है। हर रोज शाम को जाम लगता है। इससे करोंद, मालीखेड़ी, विदिशा रोड, अयोध्या बायपास समेत कई इलाकों में जाने वाले लोग घंटों तक फंसते हैं। 10 लेन की वजह से अयोध्या बायपास खुदा भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने का ₹836 करोड़ का प्रोजेक्ट है। रत्नागिरि से आसाराम तिराहे तक काम चल रहा है। 16 किमी लंबी दस लेन सड़क पर 8 से ज्यादा ब्रिज भी बन रहे हैं। इस वजह से खुदाई की गई है। जगह-जगह से रास्तें डायवर्ट है। रात में दिक्कतें ज्यादा हैं, क्योंकि रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। उज्जैन: सिंहस्थ के कामों के बीच मानसून बना चुनौती, कई ब्लैक स्पॉट सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में करीब 13 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, ब्रिज, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर, रोप-वे, शॉपिंग मॉल, नगर निगम पार्किंग, महाकाल मंदिर विस्तार और मेडिसिटी परियोजना शामिल हैं। ऐसे में मानसून के दौरान निर्माणाधीन स्थलों पर आम लोगों की परेशानी और हादसों का खतरा बढ़ गया है।
इसी महीने हुई थी एक बच्चे की मौत पिछले सप्ताह रेलवे स्टेशन के पास रोप-वे निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भरने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो चुकी है। शहर में कई स्थानों पर खुदाई और अधूरे निर्माण कार्य मानसून के दौरान ब्लैक स्पॉट बन सकते हैं। कई जगह जलभराव की आशंका कोयला फाटक से तेलीवाड़ा चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण और सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों पर हाल की बारिश में कई लोग गिर चुके हैं। इसके अलावा गेल इंडिया-नीलगंगा चौराहा, टैगोर चौराहा-दो तालाब, राजस्व कॉलोनी मार्ग, नानाखेड़ा-शांति पैलेस, बिजासन माता मंदिर-देवास रोड और गाड़ी अड्डा चौराहा से रणकेश्वर महादेव मंदिर तक निर्माणाधीन मार्गों पर खुले गड्ढे खतरा बने हुए हैं। रीगल टॉकीज स्थित निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में जलभराव की आशंका है, जबकि छत्री चौक-सत्यनारायण मंदिर मार्ग, कमरी मार्ग चौराहा और हरसिद्धि पाल से रामघाट तक चौड़ीकरण कार्य के दौरान बने बड़े गड्ढों से भी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। निगम आयुक्त ने अलर्ट रहने के निर्देश दिए निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र ने आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए सभी प्रचलित चौड़ीकरण कार्यों में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जोनल अधिकारी,उपयंत्री, सहायक यंत्री अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश के दौरान सुरक्षा के साथ मार्ग पर मौजूद मलबा एवं जल भराव का त्वरित निराकरण करने और वर्षाकाल में मार्ग में मौजूद मलबा को हटाकर नालियों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं। इंदौर: एलिवेटेड ब्रिज के चलते होगी परेशानी इंदौर में देवासनाके से लेकर विजय नगर चौराहे तक एलिवेटेड ब्रिज के काम के चलते बारिश में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने बीआरटीएस रोड पर पानी भर जाता है। जिससे वाहन चालकों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
एमआईजी थाने के सामने नेहरू नगर रोड नंबर 2 के यहां जलभराव की स्थिति बनती है। इसके अलावा लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल के यहां से लेकर जंजीरवाला चौराहे के पहले तक रोड का काम चल रहा है, खुदाई की गई है, जिसके चलते पानी भरने की आशंका है। लोगों को अभी भी हो रही है परेशानी तेज बारिश होने पर हुकुमचंद घंटाघर के यहां पानी भर जाता है। इसके अलावा मूसाखेड़ी रिंगरोड चौराहा यहां पर ओवरब्रिज का काम होने के कारण यहां भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खजराना चौराहे से लेकर रोबोट चौराहे तक बारिश में जाम की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण कई वाहन चालक जाम में फंस जाते हैं और परेशान होते हैं। द्वारकापुरी इलाके में राम मंदिर वाली गली में तेज बारिश के कारण रोड पर पानी भर जाता है, पिछले साल वाहन बहने की घटना भी यहां सामने आई थी। इसके अलावा कई जगह मास्टर प्लान की रोड का काम चल रहा है। ग्वालियर: 10 बड़े नाले चोक, जलभराव की आशंका बढ़ी मानसून से पहले ग्वालियर में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। शहर के करीब 10 बड़े नाले चोक हैं, जबकि अतिक्रमण के कारण स्वर्णरेखा और मुरार नदियां कई स्थानों पर सिकुड़ गई हैं। हाल की आधे घंटे की बारिश में मुरार, रेलवे स्टेशन, हजीरा, थाटीपुर, सिटी सेंटर और लश्कर के कई हिस्सों में जलभराव हो चुका है। बारादरी, सदर बाजार, सुरेश नगर, जीवाजी नगर, गोविंदपुरी, पटेल नगर, फालका बाजार और जिंसी नाला क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने मानसून में सड़कें उखड़ने, यातायात बाधित होने और जलजनित बीमारियों के खतरे की आशंका जताई है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि दो माह पहले से नाला-नाली सफाई अभियान चल रहा है और चारों विधानसभा क्षेत्रों में पोकलेन व जेसीबी से नियमित सफाई कराई जा रही है। निगम की लापरवाही से जा चुकी है युवक की जान 4 महने पहले इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में नगर निगम की लापरवाही के चलते एक युवक की जान जा चुकी है। वीआईपी परस्पर रोड पर नर्मदा पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक सवार 33 वर्षीय राकेश यादव गिर गया। हादसे में उसका एक पैर बुरी तरह कट गया था और दूसरा पैर भी टूट गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। भोपाल में तीन बार धंस चुकी हैं सड़कें बीते एक साल में भोपाल में तीन बार सड़क धंसने का मामला सामने आ चुका है। एमपी नगर में दो बार और बिलखिरया के पास रायसेन रोड पर सड़क का हिस्सा धंस चुका है। हालांकि इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में सड़क धंसी…गड्ढा इतना गहरा कि कार समा जाए 3 महीने पहले भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके एमपी नगर में सड़क धंस गई थी। यहां मेन रोड पर करीब 8 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे सड़क किनारे का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। पढ़ें पूरी खबर…
