करीब 30 साल से विवादों में रही एमपी के धार की भोजशाला पर इंदौर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इसे मां वाग्देवी का मंदिर माना है। हिंदू पक्ष इसे राजा भोज द्वारा स्थापित मंदिर पहले से मानता रहा, जबकि मुस्लिम पक्ष कमाल मौला मस्जिद होने का दावा करता आया। पूजा-नमाज के अधिकार को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच 2024 में एएसआई सर्वे हुआ। हाईकोर्ट के फैसले को हिंदू पक्ष अपनी बड़ी कानूनी जीत मान रहा है, जिससे भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गई है। धार की भोजशाला को हाईकोर्ट ने वाग्देवी मंदिर माना है। वो 15 तस्वीरें देखिए जो मंदिर होने का आधार बनीं। एएसआई ने इनकाे कोर्ट में भी पेश किया। यह भी पढ़ें… MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना:अयोध्या केस को फैसले का आधार बनाया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। पूरी खबर पढ़ें
