भोपाल में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार लोगों की जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभा रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत मिलते ही जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड-82 की पार्षद ज्योति मिश्रा बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड-82 के दानिश कुंज, विक्रमादित्य रोड निवासी संजय शुक्ला ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पेयजल कंपनी की खुदाई के दौरान सीवेज लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन पर एक महीने से अधिक समय तक शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायत पोस्ट होते ही वार्ड-82 की पार्षद ज्योति मिश्रा ने मामले में संज्ञान लिया और सीवेज लाइन की मरम्मत कराई। समाधान की पुष्टि शिकायतकर्ता और क्षेत्रवासियों ने एप पर की, जिससे दानिश कुंज के लोगों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान ऐशबाग: वर्षों पुरानी खराब सड़क की समस्या हुई दूर वार्ड-39 के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, ऐशबाग में थाने के सामने कई वर्षों से खराब पड़ी सड़क को लेकर शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर दर्ज की गई थी। शिकायत के बाद पार्षद आनंद अग्रवाल ने संज्ञान लेकर सड़क मरम्मत का कार्य कराया। समाधान की पुष्टि भी पार्षद ने एप पर की, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। बिजली के तार, पुलिया और सड़क की समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी अरेरा कॉलोनी: बिजली के लटके तारों से हादसे का खतरा वार्ड-48 के अरेरा कॉलोनी निवासी अभय भार्गव ने शिकायत दर्ज कराई है कि बिजली के खंभे से कई तार नीचे तक लटक रहे हैं। घर के सामने बच्चों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में किसी भी समय हादसा हो सकता है। बारिश के मौसम में करंट फैलने की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने जल्द तारों को व्यवस्थित कराने की मांग की है। महाराणा प्रताप नगर: खुला चैंबर बना हादसों और बीमारियों की वजह वार्ड-45 के महाराणा प्रताप नगर स्थित एसबीआई कॉलोनी रोड निवासी राजा पटेल ने शिकायत दर्ज कराई है कि क्षेत्र में सीवर चैंबर का ढक्कन टूटा हुआ है। नगर निगम द्वारा अस्थायी रूप से टूटा ढक्कन रख दिया गया है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। साथ ही बारिश में गंदगी जमा होने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। पिपलानी: जर्जर पुलिया से चलना मुश्किल, राहगीर परेशान वार्ड-63 के पिपलानी स्थित विक्रम हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे रहने वाले अमर चंद्रा ने शिकायत दर्ज कराई है कि क्षेत्र की पुलिया पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आए दिन बच्चों और बुजुर्गों के पैर पुलिया में फंस जाते हैं। बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं, जबकि आसपास नालियों में भी गंदगी जमा रहती है। उन्होंने जल्द पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है। गोविंदपुरा: खुदी सड़क से लोगों का निकलना मुश्किल वार्ड-58 के भारती निकेतन, गोविंदपुरा निवासी ह्रदयेश गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि पाइप लाइन डालने के बाद सड़क को सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। बारिश के कारण पूरी सड़क दलदल में बदल गई है। हाल ही में एक स्कूल वैन भी गड्ढे में फंस गई थी। स्थानीय लोगों ने सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
