शहर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचा रहे हैं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। वार्ड 59 की पार्षद डॉ. रुपाली बनीं आज की “पब्लिक स्टार” इंदौर के वार्ड 59 स्थित मोती तबेला निवासी अभिषेक सक्सेना ने ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट पर जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में नर्मदा वाटर लाइन से पिछले कई वर्षों से केवल 20 से 30 लीटर पानी ही मिल रहा था। साथ ही सार्वजनिक बोरवेल की मोटर भी जल गई थी, जिससे रहवासियों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही यह शिकायत ‘भास्कर समाधान’ एप पर पोस्ट हुई, वार्ड 59 की पार्षद रुपाली ए. पेंढारकर ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग से समन्वय कर जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कराया। गड्ढों वाली सड़क की मरम्मत हुई, शिकायतकर्ता ने की पुष्टि इंदौर के वार्ड 83 स्थित सुदामा नगर निवासी गौरव जैन ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि महावीर गेट की मुख्य सड़क पर लंबे समय से गड्ढे हो रहे थे। बरसात में इनमें पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 311 पर शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर सड़क की मरम्मत करवाई और पैचवर्क कराया। जिसकी पुष्टी खुद शिकायतकर्ता ने की। गंदगी, जर्जर डीपी, बंद स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी से इंदौर के रहवासी परेशान छोटी ग्वालटोली: सुलभ शौचालय का चेंबर ओवरफ्लो इंदौर के वार्ड 55 क्षेत्र निवासी विनय मिश्रा ने ‘भास्कर समाधान’ पर स्वच्छता और ड्रेनेज से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रेलवे स्टेशन के सामने स्थित सुलभ शौचालय का चेंबर पिछले आठ दिनों से ओवरफ्लो हो रहा है। इसके कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और आसपास गंदगी फैल रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों के सामने शहर की छवि खराब हो रही है। उन्होंने जल्द समस्या के निराकरण की मांग की है। वार्ड 74: खाली प्लॉट के पास जमा कचरे से परेशानी इंदौर के वार्ड 74 निवासी गुरनीत कौर ने ‘भास्कर समाधान’ पर सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि घर के पास गिट्टी पड़ी होने के कारण लोगों ने वहां कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। अब वहां कचरे का ढेर लग गया है, जिससे गंदगी फैल रही है। उन्होंने नगर निगम से जल्द सफाई कराने की मांग की है। बिजलपुर: जर्जर डीपी से हादसे का खतरा इंदौर के वार्ड 79 स्थित बिजलपुर निवासी हेमंत कुमार पाठक ने ‘भास्कर समाधान’ पर बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि गली में लगी डीपी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और काफी झुक गई है। बरसात के दौरान इसके गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास के बिजली उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने जल्द कार्रवाई की मांग की है। सुखलिया: 20 दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में रहवासी इंदौर के वार्ड 33 स्थित सुखलिया निवासी इंदु पंवार ने ‘भास्कर समाधान’ पर स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव के लिए सकारात्मक पहल भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
