बंडा जहरीली शराब कांड को लेकर सागर जिले की राजनीति में छिड़ा घमासान नया मोड़ ले चुका है। अब तक भाजपा और कांग्रेस नेताओं में जंग छिड़ी थी। अब भाजपा की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इसकी शुरुआत मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा की गई पोस्ट पर पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे द्वारा दिए गए जवाब से हुई। चौबे ने लिखा कि जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक के भतीजे पूर्व जनपद सदस्य पृथ्वी सिंह के साढ़ू का लड़का है। जिसमें भतीजे पृथ्वी का क्या रोल है यह सभी जानते हैं। उन्होंने बहेरिया में सिद्धार्थ की एक होटल व पंप का नाम लिखते हुए लिखा कि वहां क्या खेल होते हैं, सब जानते हैं। सोशल मीडिया पर चौबे की पोस्ट पर लगे आरोपों के बाद पूर्व जनपद सदस्य पृथ्वी सिंह ने पलटवार करते हुए ओरोपों को झूठा बताते हुए उनका खंडन किया। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्होंने प्रेसनोट भी जारी कर सभी दावों का सिरे से खंडन किया। सिंह ने कहा स्वर्गीय विक्रम सिंह कुशवाहा उनके साढ़ू भाई नहीं हैं और चौबे राजनीतिक स्वार्थ में यह झूठा दावा कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व विधायक को चुनौती दी कि वे इस कथित संबंध का सार्वजनिक प्रमाण सामने रखें। नहीं तो पोस्ट डिलीट कर सार्वजनिक माफी मांगें। अन्यथा उन पर अदालत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हालांकि बुधवार को चौबे के सोशल मीडिया अकाउंट पर जो पोस्ट की थी, वह गुरुवार को नहीं दिखी। इसको लेकर चौबे द्वारा कुछ नया पोस्ट भी नहीं किया गया। उधर क्षेत्र के कई भाजपा कार्यकर्ताओं- पदाधिकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष, मुख्यमंत्री के नाम मेंशन करते हुए प्रदेश नेतृत्व से चौबे की अनुशासनहीनता और कांग्रेसी आचरण का हवाला देते हुए उन्हें तत्काल भाजपा से बाहर निकालने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि पार्टी के वरिष्ठ विधायक भूपेंद्र सिंह पर पूर्व विधायक चौबे ने ऐसे आरोप लगाए हैं जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है। अपनी पार्टी के विधायक पर निराधार आरोप लगाना अनुशासनहीनता है।
