रतलाम में पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने ही घर की तीसरी मंजिल पर साफे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने पटवारी संघ के आलोट तहसील अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें नायब तहसीलदार सविता राठौर पर काम का दबाव बनाने, गलत काम कराने और छोटे भाई की शादी में छुट्टी न देने के आरोप लगाए गए हैं। पटवारी 21 अप्रैल को अपने छोटे भाई की शादी में शामिल हुए थे, लेकिन अचानक रिसेप्शन छोड़कर घर आ गए और अगले दिन यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वर्तमान में थाना औद्योगिक पुलिस ने मृतक के कमरे से 3 मोबाइल और बेड के नीचे से ऑरिजनल सुसाइड नोट बरामद कर कमरे को सील कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की बात कह रही है। शादी में किया डांस, रिसेप्शन से रहे गायब रविशंकर के छोटे भाई सिद्धार्थ की शादी 21 अप्रैल को हुई थी। राजस्थान की सीमा में लगे दानपुर के पैतृक गांव से बारात रतलाम जिले के बड़ी सरवन आई थी। शादी में रविशंकर ने खुश होकर डांस भी किया और परिजनों ने उन्हें साफा पहने हुए कंधे पर भी उठाया था। हालांकि, 21 अप्रैल को बारात लौटने से पहले ही वे वहां से निकल गए। उनका फोन बंद आने लगा और वे शाम को रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचे। रात 2 बजे घर आकर वे अपने कमरे में सो गए। 22 अप्रैल की सुबह 10 बजे भाई ने चाय-नाश्ते का पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। दोपहर 3 बजे पत्नी रीना कमरे में गई तो पति फांसी के फंदे पर लटका मिला। शोर मचाने पर परिजन उन्हें फंदे से उतारकर सीधे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट में लिखा- दबाव पूर्ण नौकरी नहीं कर सकता मृतक रविशंकर खराड़ी ने पुलिस को मिले सुसाइड नोट में लिखा…’मेरा नाम रविशंकर खराड़ी है। मैं पटवारी हल्का नंबर 34 में पटवारी पद पर पदस्थ हूं। मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा काम के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बटकान और फर्द दबाव बनाकर चेंज कराई गई थी।’ उन्होंने आगे लिखा…’नायब तहसीलदार के द्वारा दबाव डालकर काम कराने के कारण मैं अपने भाई की शादी में भी ध्यान नहीं दे पाया हूं। कई परिचित व्यक्तियों को पत्रिका देने का भी समय नहीं मिल पाया था। मुझे कई बार अपने क्वार्टर पर बुलाकर यह भी कहा गया कि मेरे भाई की शादी अच्छे से नहीं होने दूंगी और मुझे शादी में समय भी नहीं देने देंगी।’ सुसाइड नोट में आगे उल्लेख किया कि ‘काम पर दबाव बनाने की रिकॉर्डिंग और जिनके पक्ष में मुझ पर दबाव डालकर काम कराया गया, उसकी रिकॉर्डिंग भी है। रणजीत सिंह की छुट्टी के दिन अपने क्वार्टर पर बुलाकर गलत काम कराने की रिकॉर्डिंग सामने आने पर मेरे विरुद्ध कारण बताओ नोटिस निकाला जा रहा है।’ अंत में उन्होंने लिखा…’नायब तहसीलदार के साथ इस तरह के दबाव में मैं नौकरी नहीं कर सकता हूं।’ वॉट्सएप ग्रुप में पूछा- कितने सपोर्ट करेंगे सामने आया है कि नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा अप्रैल माह में ही 4 दिन के अंदर 3 कारण बताओ नोटिस दिए गए। तीनों नोटिस 6 अप्रैल, 8 अप्रैल व 9 अप्रैल को दिए गए। इसके साथ ही तीन दिन में जवाब मांगते हुए एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सुसाइड से पहले 22 अप्रैल की सुबह 10:27 बजे रविशंकर ने ‘न्यू आलोट प्रांतीय पटवारी संघ’ के वॉट्सएप ग्रुप में मैसेज किया, ‘मेरा एक सवाल है, मेरे साथ कितने पटवारी मेरा सपोर्ट करेंगे।’ इसके बाद 11:45 बजे तहसील अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा को सुसाइड नोट भेजा। फिर 11:52 बजे ग्रुप में लिखा, ‘धन्यवाद सबके सपोर्ट के लिए।’ तहसील अध्यक्ष और अन्य साथियों ने इसके बाद लगातार कॉल किए, लेकिन रविशंकर ने जवाब नहीं दिया। 4 महीने पहले पिता की मौत पर मिली थी अनुकंपा नियुक्ति मृतक रविशंकर के पिता रकमेश्वर खराड़ी भी पटवारी थे। दिसंबर 2023 में हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद बड़े बेटे रविशंकर को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उनकी 4 साल की एक बेटी है और पत्नी रीना खराड़ी वर्तमान में प्रेग्नेंट हैं। घर में मां व छोटा भाई है। बड़े भाई के अचानक उठाए गए इस कदम से पूरा परिवार सदमे में है कि आखिर शादी में खुश नजर आ रहे रविशंकर ने ऐसा क्यों किया। ये खबर भी पढ़िए… पटवारी सुसाइड केस, नायब तहसीलदार निलंबित रतलाम के आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड मामले में नायब तहसीलदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने व निलंबन को लेकर बुधवार को मेडिकल कॉलेज मे 7 घंटे तक धरना चला। धरने में परिजनों के साथ पटवारी व सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी शामिल हुए। कार्रवाई नहीं होने तक पीएम कराने से मना कर दिया…पूरी खबर पढ़िए
