रीवा के मलकपुर में साथी हाथी की करंट लगने से मौत के बाद अकेले बचे हाथी भरत को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। बांधवगढ़ से रामा और सूर्या के बाद अब संजय टाइगर रिजर्व से चित्रा और बापू को भी मौके पर बुलाया गया है। मंगलवार सुबह चारों प्रशिक्षित हाथियों की मदद से भरत की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। करीब सात महीने से रीवा, मऊगंज और सीधी के जंगलों में घूम रहे हाथियों के जोड़े में से एक की शनिवार तड़के मलकपुर के कठौतिया टोला में बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, पेड़ की पत्तियां खाते समय हाथी नीचे लटक रहे बिजली के तार के संपर्क में आया था। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शव का अंतिम संस्कार किया। साथी की मौत के बाद घटनास्थल के आसपास घूम रहा भरत साथी हाथी की मौत के बाद भरत कई बार घटनास्थल के आसपास पहुंचा। वन विभाग उसके व्यवहार पर नजर रख रहा है। विभाग का प्रयास है कि भरत को आबादी और बिजली लाइनों से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। भरत के गले में कॉलर लगा है, जिससे उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है। सोमवार को वह वन विभाग की रेस्क्यू टीम के कैंप के काफी करीब पहुंच गया था। लेकिन रामा और सूर्या को देखकर पीछे हट गया। इससे पहले भी प्रशिक्षित हाथियों की मौजूदगी में भरत को पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह टीम की पहुंच से दूर चला गया। अब कॉलर से मिल रही लोकेशन के आधार पर उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। चार प्रशिक्षित हाथियों से घेराबंदी की तैयारी मंगलवार सुबह रामा, सूर्या, चित्रा और बापू की मदद से भरत की घेराबंदी करने की योजना है। वन विभाग की कोशिश है कि उसे बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाए और आबादी तथा बिजली लाइनों से दूर सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाया जाए। रीवा के मुख्य वन संरक्षक राजेश राय ने बताया कि भरत को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू किया जा रहा है। मंगलवार को भरत के रेस्क्यू की संभावना है। सात महीने से जंगलों में घूम रहा था हाथियों का जोड़ा हाथियों का यह जोड़ा करीब सात महीने से रीवा, मऊगंज और सीधी क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा था। इस दौरान आबादी वाले इलाकों के आसपास भी उनकी मौजूदगी सामने आती रही। साथी हाथी की करंट से मौत के बाद अब वन विभाग के सामने भरत को सुरक्षित पकड़ने के साथ बिजली लाइनों और आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों की निगरानी की चुनौती भी है।
