भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा महज 20 मिनट में पूरी हो गई, लेकिन इसके लिए की गई ट्रैफिक व्यवस्था ने हजारों लोगों की रफ्तार रोक दी। बुधवार दोपहर 12:50 बजे अटल पथ से शुरू हुई यात्रा 1:10 बजे रोशनपुरा चौराहे पर खत्म हो गई। इसके बावजूद आसपास की सड़कों पर करीब 45 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान कोई मां अपने छह महीने के बीमार बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल जाने के लिए रास्ता तलाशती रही, तो कोई स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चों को ऑटो में बैठाकर घर लौटने के इंतजार में फंसा रहा। बुजुर्ग दादा भी पोते को लेने जाते समय जाम में आधे घंटे तक परेशान होते रहे। न आगे बढ़ पा रहे थे, न रास्ता मिला तेज धूप में मां की गोद में बुखार से तपता मासूम बिलखता रहा। मां कभी उसे आंचल से धूप से बचाती, तो कभी पेड़ की छांव में खड़ी हो जाती। ऊपर से यात्रा में बज रहे ढोल-नगाड़ों की आवाज से बच्चा और डर रहा था। मां के सामने मुश्किल यह थी कि न वह आगे बढ़ पा रही थी और न ही पीछे लौटने का रास्ता मिल रहा था। एक तरफ पदयात्रा में शामिल होने के लिए आई बसों की कतारें सड़कों पर लगी रहीं, दूसरी तरफ आम लोग अस्पताल, स्कूल और जरूरी कामों के लिए रास्ता तलाशते रहे। लोगों का सवाल था- 20 मिनट के राजनीतिक कार्यक्रम के लिए शहर के इतने बड़े हिस्से की आवाजाही क्यों रोक दी गई? जब 700 पुलिसकर्मी तैनात थे, तो आम लोगों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? जाम से जुड़ी तस्वीरें देखिए… बच्चे को अस्पताल ले जाना था, रास्ता ही बंद मिला रातीबड़ निवासी एक महिला ने बताया कि बच्चे को जुकाम और बुखार है। उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए जेपी अस्पताल जा रही थी। रास्ते में अचानक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। काफी देर से यहीं खड़ी हूं। बच्चा गर्मी और बीमारी के कारण परेशान हो रहा है। ढोल-नगाड़ों की आवाज से भी वह डर रहा है। न तो आगे जाने दिया जा रहा है और न ही पीछे लौटने का रास्ता मिल रहा है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर ऑटो में फंसे नईम यात्रा के कारण स्कूली बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जहांगीराबाद के एक निजी स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने का काम करने वाले ऑटो चालक नईम करीब एक घंटे तक बैरिकेडिंग के कारण फंसे रहे। उन्होंने बताया कि स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्चों को लेकर वापस जाना था, लेकिन रास्ता बंद होने से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। उन्हें डायवर्ट रूट की जानकारी भी नहीं थी। नईम के मुताबिक, उन्हें डिपो चौराहा की ओर से ऑटो सहित आने दिया गया था, लेकिन बाद में रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया गया। इसके बाद करीब एक घंटे तक वहीं खड़े रहना पड़ा। ऑटो में बैठे बच्चों को भी इंतजार करना पड़ा। पोते को लेने निकले दादा, आधे घंटे जाम में फंसे बैरिकेडिंग के कारण आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। अब्दुल मुस्तफा अपने पोते को लेने नेहरू नगर स्थित स्कूल जा रहे थे। उन्होंने बताया कि अचानक रास्ता बंद कर दिया गया, जिसके कारण करीब आधे घंटे से जाम में फंसे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे जाने के लिए कौन सा रास्ता अपनाएं। सड़क पर वाहनों की कतारें लग गई थीं और पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण आवाजाही रुक गई थी। यात्रा खत्म होने के बाद भी आधे घंटे तक प्रभावित रहा ट्रैफिक दोपहर 12:50 बजे शुरू हुई यात्रा 1:10 बजे रोशनपुरा चौराहे पर समाप्त हो गई, लेकिन इसके बाद भी यातायात सामान्य नहीं हो सका। रोशनपुरा से न्यू मार्केट, जहांगीराबाद, डिपो चौराहा और कमला पार्क की ओर जाने वाले रास्तों पर करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। कार्यक्रम में शामिल होने आई बसों की कतारें भी सड़कों पर लग गईं। इससे आसपास के मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। 700 पुलिसकर्मी तैनात, 5 किमी के दायरे में असर कार्यक्रम के लिए ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था में कुल 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 250 ट्रैफिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा के लिए जिला पुलिस बल के 450 जवान शामिल थे। इसके बावजूद आम लोगों को जाम और रास्ता बंद होने की परेशानी से जूझना पड़ा। कार्यक्रम में करीब एक हजार बसें शामिल हुई थीं। अटल पथ से रोशनपुरा तक ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में यातायात प्रभावित रहा। इसमें कांग्रेस कार्यालय से न्यू मार्केट आने-जाने वाला मार्ग, न्यू मार्केट से मैनिट चौराहे की ओर जाने वाली सड़क और डिपो चौराहा से मैनिट चौराहे की ओर आने वाला रास्ता भी शामिल रहा।
