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बीजेपी विधायक को ही नहीं पहचान पाए मंत्री सिलावट:चिंतामणि मालवीय को बता दिया दोषी, बोले-आरोप सही होंगे तभी लगाए गए होंगे, निष्पक्ष जांच होगी

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट गुरुवार को उस वक्त भारी असहज स्थिति में फंस गए, जब वे अपनी ही पार्टी के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को पहचानने में चूक कर गए। मामला इतना बिगड़ गया कि मंत्री ने मालवीय पर लगे यौन शोषण के आरोपों को पहले तो ‘कांग्रेस का अंदरूनी मामला’ बता दिया और बाद में यहां तक कह दिया कि “आरोप सही होंगे, तभी लगाए गए होंगे।” ये वाक्या प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तब हुआ, जब मीडिया ने मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया द्वारा भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय पर लगाए गए आरोपों और उसके बाद मालवीय द्वारा दिए गए मानहानि के नोटिस पर सवाल पूछा। साथ बैठे नेताओं ने टोका मीडिया ने जैसे ही पूछा कि रीना बोरासी के आरोपों पर चिंतामणि मालवीय ने नोटिस दिया है, मंत्री सिलावट ने तुरंत इसे “कांग्रेस का अंदरूनी मामला” बता दिया। इतना सुनते ही मंच पर मौजूद बीजेपी नेताओं ने उन्हें टोका और याद दिलाया कि मालवीय उनकी ही पार्टी के विधायक हैं। इसके बाद भी मंत्री सिलावट स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए और बात को घुमाते नजर आए। पहले उन्होंने कहा कि “आरोप सही होंगे तभी लगाए गए होंगे, निष्पक्ष जांच होगी”, लेकिन कुछ ही पल बाद फिर बयान पलटते हुए आरोपों को “बेबुनियाद” बता दिया और मालवीय की शिकायत को सही ठहराया। मंत्री सिलावट ने ऐसे दिए जवाब सवाल : चिंतामणि मालवीय, जो पूर्व सांसद रहे हैं, उन पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं और उन्होंने राज्यपाल से भी मुलाकात की है। इस पर आपका क्या कहना है? मंत्री : यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, मुझसे क्यों पूछ रहे हो? (इस पर बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रवण चावड़ा ने मंत्री को टोका और कहा कि मालवीय जी अपने विधायक है आलोट से) सवाल : नहीं, चिंतामणि जी तो आपके ही हैं। मंत्री : चिंतामणि अपना? किसने कहा? सवाल : आलोट के बीजेपी विधायक… रीना बौरासी ने चिंतामणि मालवीय पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। मंत्री : अच्छा… एक बात सुनो। अगर आरोप सही होते, तभी तो लगाए जाते। इसकी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी। अगर कुछ गलत पाया गया, तो कार्रवाई करेंगे। ठीक है ना? सवाल : मतलब उन्होंने सही किया? मंत्री : नहीं-नहीं, मैं आपसे पूछ रहा हूं, आरोप किसने लगाए? सवाल : रीना बौरासी ने आरोप लगाए थे और उसके जवाब में चिंतामणि मालवीय ने 10 करोड़ रुपए का मानहानि का दावा ठोका है। मंत्री : तो वे आरोप बेबुनियाद हैं, गलत आरोप हैं। चिंतामणि मालवीय जी का जो विषय है, उसका प्रस्तुतीकरण अलग है। आप जो पूछ रहे हो, वह गलत तरीके से पूछ रहे हो। आप मेरी बात सुनो, प्रस्तुतीकरण ठीक से करो। जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। क्या है पूरा विवाद? दरअसल, रीना बोरासी ने हाल ही में विधायक चिंतामणि मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसमें एक महिला के साथ यौन शोषण और संपत्ति पर कब्जे का आरोप शामिल है। इसके जवाब में मालवीय ने बोरासी को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजते हुए सात दिन में सबूत पेश करने को कहा है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्हें 7 दिनों के अंदर अपने आरोपों की पुष्टि करने वाले प्रमाणित दस्तावेज सौंपने होंगे। विफल रहने पर, उन पर 10 करोड़ रुपए का मानहानि दावा और उचित आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।

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