बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर शुक्रवार को वोटिंग जारी है। सबसे ज्यादा 11 सीटें यूपी में हैं। इसके बाद बिहार (8), महाराष्ट्र (5) और कर्नाटक (4) हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। इस दौरान मुजफ्फरनगर में सपा और भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गए। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने दोनों गुटों के बीच मारपीट होने लगी। पुलिसवालों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। किस क्षेत्र की सीटें? सभी 28 सीटें स्नातक (ग्रेजुएट) और शिक्षक क्षेत्रों की हैं। यूपी: 5 स्नातक (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी) और 6 शिक्षक (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद)। बिहार: 4 स्नातक (पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी) और 4 शिक्षक (पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण)। महाराष्ट्र: 3 स्नातक (औरंगाबाद/छत्रपति संभाजीनगर, पुणे, नागपुर) और 2 शिक्षक (अमरावती, पुणे)। कर्नाटक: 2 स्नातक (दक्षिण-पूर्व, पश्चिम) और 2 शिक्षक (उत्तर-पूर्व, बेंगलुरु)। विधान परिषद क्या है? विधान परिषद राज्य की विधानसभा का ऊपरी सदन है, जैसे संसद में राज्यसभा। इसका मकसद है कि विधानसभा में पास होने वाले कानूनों पर एक बार फिर शांत मन से विचार हो। साथ ही पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों को भी सदन में जगह मिले। इसकी ताकत विधानसभा से कम होती है। धन विधेयक यहां पेश नहीं हो सकता। यह एक स्थायी सदन है, यानी भंग नहीं होता। सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर 2 साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। इसी वजह से हर दो साल में ऐसे चुनाव होते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना। बाकी राज्यों में सिर्फ विधानसभा है। कैसे होता है MLC का चुनाव चुनाव में वही वोट डालते हैं जिनका नाम स्नातक या शिक्षक मतदाता सूची में है। ग्रेजुएट सीट के लिए कम से कम तीन साल पहले ग्रेजुएट होना जरूरी है। शिक्षक सीट के लिए माध्यमिक स्तर या उससे ऊपर के स्कूल में कम से कम तीन साल पढ़ाने का अनुभव चाहिए। वोटर बैलेट पर उम्मीदवारों के आगे 1, 2, 3 लिखकर अपनी पसंद का क्रम बताता है।
