बैतूल के चिचोली क्षेत्र के चिल्लौर निवासी 25 वर्षीय मनीष परते की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। वह बाइक स्टंट के दौरान घायल हुआ था और इलाज के बाद इसी सप्ताह घर लौटा था। गुरुवार को वह पत्नी से मिलने उसके मायके गया था। पिता गजानंद परते का आरोप है कि पत्नी और सास ने उसे देखकर घर का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद मनीष शाहपुर स्थित अपने मामा के घर पहुंचा, जहां उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। शुक्रवार तड़के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाइक रेसिंग के दौरान घायल हुआ था मनीष मनीष के पिता गजानंद परते पाटाखेड़ा में शिक्षक हैं। मनीष डीजल टैंकर चलाता था। परिजनों के मुताबिक, आदिवासी दिवस के दिन बाइक रेसिंग के दौरान गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए भोपाल ले जाया गया। इस सप्ताह घर लौटने के बाद भी उसके हाथ-पैर में गंभीर चोटें थीं। वह वॉकर के सहारे चल पा रहा था। पत्नी से मिलने ससुराल गया था परिजनों ने बताया कि मनीष ने करीब चार-पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था। घर लौटने के बाद उसकी पत्नी मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर मायके चली गई थी। गुरुवार को मनीष उससे मिलने निशाना स्थित ससुराल पहुंचा। पिता का आरोप है कि उसे देखकर पत्नी और सास ने दरवाजा बंद कर लिया। इससे दुखी होकर वह शाहपुर में अपने मामा के घर लौट आया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत मामा के घर खाना खाने के बाद मनीष ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले शाहपुर अस्पताल ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद जिला अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार तड़के उसकी मौत हो गई। मनीष दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। पिता ने पत्नी और सास पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के कारणों और पिता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
