Homeमध्यप्रदेशबिना ऑपरेशन अब जटिल पित्त की पथरी का इलाज संभव:AI और आधुनिक...

बिना ऑपरेशन अब जटिल पित्त की पथरी का इलाज संभव:AI और आधुनिक एंडोस्कोपी बदल रहे गैस्ट्रो बीमारियों के इलाज की तस्वीर; जुटे देशभर के एक्सपर्ट्स

पित्त की नली (कॉमन बाइल डक्ट) में फंसी बड़ी और जटिल पथरी का इलाज अब बड़े ऑपरेशन के बिना भी संभव हो गया है। आधुनिक एंडोस्कोपी, लेजर और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से अधिकांश मरीजों का सुरक्षित इलाज किया जा रहा है। इससे मरीजों को कम दर्द, जल्दी रिकवरी और अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने जैसे बड़े फायदे मिल रहे हैं। यह जानकारी इंदौर में आयोजित दो दिवसीय ‘गैस्ट्रो अपडेट 2.0 एवं आईएसजी इंदौर 2026’ के उद्घाटन सत्र में ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हरि प्रसाद यादव ने दी। इस नेशनल कॉन्फ्रेंस में देशभर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट और फिजिशियन शामिल हुए। सभी एक्सपर्ट्स ने पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों और जटिल मामलों पर विस्तार से चर्चा की। कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ के सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश पुरी (मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम) ने किया। उन्हों न कहा कि गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में आधुनिक एंडोस्कोपी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों ने उपचार के तरीके पूरी तरह बदल दिए हैं। अब पेट और पाचन तंत्र की कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में ही पहचान कर बिना बड़े ऑपरेशन के प्रभावी इलाज संभव हो रहा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में एआई आधारित तकनीकें बीमारी की पहचान और उपचार को और अधिक सटीक बनाएंगी। पहले दिन इन विषयों पर हुई चर्चा ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण एस. भदौरिया ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन ‘जीआई एंडोस्कोपी : वर्तमान और भविष्य’ तथा ‘कठिन कॉमन बाइल डक्ट स्टोन : पुरानी समस्या के लिए नई तकनीकें’ जैसे विषयों पर एक्सपर्टस ने अपने अनुभव साझा किए। दूसरे दिन पीलिया, फैटी लिवर, क्रोनिक हेपेटाइटिस-बी, लिवर ट्रांसप्लांट, गैस और अपच, अल्सरेटिव कोलाइटिस, एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस, कोलैंजियोस्कोपी और एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर देश के एक्सपर्टस अनुभव साझा करेंगे। इस दौरान गट क्लब इंदौर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी पदभार ग्रहण किया। प्रदेश के डॉक्टरों को मिलेगा नई तकनीकों का लाभ गट क्लब इंदौर के अध्यक्ष डॉ. अतुल शेंडे और सचिव डॉ. सोहिनी सरकार ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक सेशन चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और नई उपचार पद्धतियों को अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं। इसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं के रूप में मिलता है। कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में डॉक्टर्स, एक्सपर्ट्स शामिल हुए। पहले दिन वैज्ञानिक सत्रों के साथ इंटरएक्टिव डिस्कशन और नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किए गए।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here