धार जिले में आकाशीय बिजली कड़कड़ाने के बाद एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। परिजन का कहना है कि बिजली की तेज आवाज से बच्चा घबरा गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हालांकि, डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ पाएगी। मामला धामनोद के पास फरसपुरा पंचायत के सिमराली भावड़िया अवार गांव में मंगलवार का है। 26 जून को पैदा हुआ था बच्चा जानकारी के मुताबिक, संदीप सिंह और रीना के बेटे का जन्म 26 जून को गुजरी शासकीय अस्पताल में हुआ था। मंगलवार की शाम करीब 4 बजे संदीप उसे गोद में लेकर सो रहा था। अचानक मौसम बदला और बिजली कड़कड़ाई। संदीप का कहना है कि बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि मैं भी घबरा गया। बच्चा घबराकर रोने लगा। रोते-रोते ही उसकी सांस थम गई। नामकरण भी नहीं हुआ था संदीप और रीना मासूम को लेकर बाइक से धामनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉ. श्वेता सांवले ने बच्चे की मौत की पुष्टि की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। बच्चे के चाचा संजय सिंह ने बताया कि बच्चे का अब तक नामकरण नहीं किया गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नवजात की मौत से गांवभर में मातम पसरा है। हार्ट रेट में अनियमितता मिली डॉ. श्वेता सांवले ने बताया कि तेज आवाज के कारण बच्चे की हार्ट रेट में अनियमितता पाई गई है। इसी की वजह से बच्चे को कार्डियक अरेस्ट की आशंका है। ये खबर भी पढे़ं… सीने से लगाकर कहा-मेरा बेटा, फिर दम तोड़ा एम्बुलेंस तक पहुंचते-पहुंचते सावित्री गौड़ की सांसें कमजोर पड़ने लगी थीं। कुछ मिनट पहले ही बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन लगातार रक्तस्राव से वह निढाल हो चुकी थी। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले एम्बुलेंस में सावित्री ने आखिरी बार बेटे को सीने से लगाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा- “मेरा बेटा…”। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पढे़ं पूरी खबर…
