बालाघाट जिले में बैगा आदिवासियों के बच्चों की लगातार हो रही मौतों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार देश में नक्सलवाद समाप्त होने और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की पहुंच बढ़ने की बात कर रही है, वहीं बालाघाट जिले की जमीनी स्थिति एक अलग तस्वीर प्रस्तुत करती है। यहां आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति आज भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। पत्र में सिंघार ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और केंद्र सरकार की ओर से प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को समयबद्ध कार्रवाई के लिए आदेशित करने का अनुरोध किया है। सिंघार ने अपने पत्र में लिखा है कि मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की लगातार हो रही मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक एवं चिंताजनक है। प्रभावित ग्रामों में लगभग 30 बैगा बच्चों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। पिछले कई महीनों से मलेरिया, खसरा एवं अन्य संक्रमणों के साथ कुपोषण, दूषित पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा है कि बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) है, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा PM-JANMAN के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। ऐसे में बच्चों की उपचार योग्य बीमारियों से मृत्यु योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। तीस बच्चों की मौत सामान्य नहीं, उच्च स्तरीय जांच कराएं पीएम नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार देश में नक्सलवाद समाप्त होने और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की पहुंच बढ़ने की बात कर रही है, वहीं बालाघाट जिले की जमीनी स्थिति एक अलग तस्वीर प्रस्तुत करती है। यहां आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति आज भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि मामले की शीघ्र उच्चस्तरीय चिकित्सकीय जांच कराई जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर बच्चों का समुचित उपचार तय किया जाए। साथ ही, प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए पूरे मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मध्य प्रदेश सरकार को इस पूरे प्रकरण में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि बैगा आदिवासी बच्चों की जान बचाई जा सके और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
