छतरपुर के झांसी-खजुराहो फोरलेन के किनारे एक खेत से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां बुरी तरह जला हुआ शव पड़ा मिला। घटना अलीपुरा थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद शव जलाकर साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है। शव इतनी बुरी तरह जल चुका है कि उसकी पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी भी जुटा रही है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि किसी अन्य स्थान पर हत्या करने के बाद शव को खेत में लाकर जलाया गया, ताकि उसकी पहचान और साक्ष्य मिटाए जा सकें। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी। नौगांव एसडीओपी अमित मेश्राम ने बताया कि शव अत्यधिक जली हुई अवस्था में मिला है, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। ऐसे हुआ मामले का खुलासा मंगलवार को ग्रामीणों ने खेत से धुआं उठता देखा। पहले उन्हें लगा कि खेत में कचरा या सूखी घास जल रही है। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां जला हुआ शव पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। 100 किलोमीटर के दायरे के थानों को रिपोर्ट की
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि छतरपुर जिले में उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर बॉर्डर से लगे एक खेत में अधजली अवस्था में एक शव मिला है। प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद शव को खेत में जलाने का प्रतीत होता है। फॉरेंसिक जांच के अनुसार मृतक की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के बीच है। शव अधिक जला होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी है। घटना स्थल उत्तर प्रदेश सीमा से सटा होने के कारण मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच कर मृतक की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
