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फिर बड़ी घटना होगी, स्टाफ की आशंका निकली सही:डॉग बाइट के खतरे की चेतावनी देने वाले डॉक्टर को मिली थी दाउद के नाम से धमकी

अरबिंदो अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में 40 से अधिक लोगों को काटने के मामले में नगर निगम की टीम दिनभर हमलावर खूंखार कुत्ते की तलाश में लगी रही लेकि नहीं मिला। टीम ने 25 से ज्यादा कुत्तों को परिसर से ही पकड़ा है। दरअसल इतनी बड़ी घटना नहीं होती अगर फरवरी में हुआ डॉग विवाद को डॉग लवर्स द्वारा समझदारी से लिया जाता। खास बात यह कि इस विवाद में भविष्य में डॉग बाइट की बड़ी घटना की चेतावनी देने वाले डॉक्टर नीरज सेन को तब अंडर वर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के नाम से धमकी तक मिली थी। दाऊद के नाम से मिली धमकी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि चार महीने पहले ही उन्होंने आवारा कुत्तों के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। दरअसल फरवरी में भी बच्चों सहित करीब 12 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर कुत्तों को पकड़कर जीपीओ स्थित शेल्टर होम भेजा था। इसकी जानकारी कुछ डॉग लवर्स और पशु संरक्षण से जुड़े लोगों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और इस कार्रवाई का विरोध किया। उनका तर्क था कि अस्पताल प्रशासन को इस तरह कुत्तों को पकड़वाने का अधिकार नहीं है। विवाद इतना बढ़ा कि शेल्टर होम ने पकड़े गए कुत्तों को रखने से इनकार कर दिया और बाद में उन्हें फिर उसी क्षेत्र में छोड़ दिया गया। स्टाफ ने किया था आगाह अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने उस समय आशंका जताई थी कि यदि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। उनकी चेतावनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब चार महीने बाद एक ही दिन में 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने के बाद अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उनकी आशंकाएं सही साबित हुई हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जब फरवरी में चार कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजा गया, उसके दो दिन बाद उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. नीरज सेन को फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकी दी थी। कॉलर ने कहा कि दाऊदजी एक बार बोलते हैं तो बात समझ में आ जानी चाहिए। तुम्हारी उम्र कितनी है, शादी हो गई होगी, बच्चे भी होंगे। धमकी के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि कॉल करने वाला कौन था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। 40 लोगों को काटने वाला कुत्ता अब भी नहीं मिला शुक्रवार को हुए हमले में सबसे पहले अस्पताल की मेडिकल रेजिडेंट डॉ. आकांक्षा द्विवेदी घायल हुई थीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में ड्यूटी शुरू करने से पहले ही कुत्ते ने हमला कर दिया। इसके बाद कई डॉक्टर, नर्स, मरीजों के परिजन और कर्मचारी उसका शिकार बनते गए। डॉ. द्विवेदी के अनुसार कई लोगों को ग्रेड-3 डॉग बाइट इंजरी (गंभी जख्म) हुई है, जिसमें मांसपेशियों तक गहरे घाव पहुंचते हैं और रेबीज संक्रमण का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में अस्पताल में डॉग बाइट मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई। यहां 26 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें से कई तो जख्म गहरा होने के कारण अवकाश पर है। निगम ने पकड़े 350 से ज्यादा कुत्ते नगर निगम के जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शहर में सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 350 से अधिक कुत्तों को पकड़कर विभिन्न शेल्टर होम भेजा जा चुका है। अरबिंदो अस्पताल की घटना के बाद विशेष अभियान चलाकर 25 से ज्यादा कुत्तों को पकड़ा गया है। हालांकि मुख्य आरोपी कुत्ता अब भी पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों और छात्रों में बना हुआ है भय अरबिंदो अस्पताल से निकलकर कुत्ता रेवती रेंज, बरदरी गांव, एलएनसीटी कॉलेज, रेनेसा कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गया था। इसके बाद से ग्रामीणों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब तक हमला करने वाला कुत्ता नहीं पकड़ा जाता, तब तक क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटना मुश्किल है। जानिए डॉग टेरर का घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख : मानव सुरक्षा सर्वोपरि आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए। साथ ही, खतरनाक या रेबीज संक्रमित कुत्तों के मामले में नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने राज्यों को एबीसी (Animal Birth Control) केंद्र स्थापित करने और सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में डॉग ने 40 को काटा,25 कुत्ते पकड़ाए इंदौर के सांवेर रोड इलाके में शुक्रवार को एक कुत्ते ने 40 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया। पीड़ितों में डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स, मरीज, सिक्योरिटी गार्ड और राहगीर शामिल हैं। इनमें 16 से अधिक लोग अरबिंदो अस्पताल से जुड़े हैं।पूरी खबर पढ़ें

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