इंदौर के चर्चित पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड के आरोपी अखिलेश सैनी से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। गंजबासौदा के पास एक गांव के खेत में मिला कटा हुआ सिर अखिलेश सैनी का होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए सिर और बरामद शव का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि ग्राम महागोर के पास खेत में एक मानव सिर पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सिर को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, जहां सिर मिला, वह स्थान रेलवे ट्रैक से करीब 500 मीटर दूर खेतों में है। सिर की हालत बेहद खराब थी। उस पर मांस और मांसपेशियां नहीं थीं और केवल हड्डियों का ढांचा बचा था। इसी वजह से मौके पर उसकी पहचान नहीं हो सकी। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर बी.एल. मालवीय ने बताया कि बरामद सिर और पहले मिले शव का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सिर किस व्यक्ति का है। यदि डीएनए रिपोर्ट में सिर की पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होती है, तो यह इंदौर के चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। 11 जुलाई को हुई थी उर्मिला की हत्या दरअसल, बीती 11 जुलाई को सरकारी आवास में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) की हत्या कर दी गई थी। वारदात का खुलासा तब हुआ, जब दोपहर करीब एक बजे उनके दोनों बच्चे स्कूल से लौटे। घर का मेन गेट खुला था और अंदर तेज आवाज में टेलीविजन चल रहा था। घर के भीतर पहुंचने पर बच्चों ने मां को खून से लथपथ देखा। उन्होंने तुरंत अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को फोन किया। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी थी। 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था उर्मिला सैनी की हत्या के बाद से ही अखिलेश फरार था। बेटी प्रेक्षा ने खुलासा किया था कि पिता लंबे समय से मां पर बेवजह शक करते थे। इससे पहले भी वे मां का गला दबाने की कोशिश कर चुके थे। एक बार बीच-बचाव करने पर आरोपी ने मंदिर का सिंहासन उठाकर बेटी पर ही फेंक दिया था। पुलिस की कई टीमें अखिलेश की तलाश में लगी थीं। उस पर घोषित इनाम 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दिया गया था। फिलहाल, पुलिस यह जांच कर रही है कि अखिलेश पिछले आठ दिन से कहां छिपा था? उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? हत्याकांड से जुड़े 5 बड़े और हैरान करने वाले खुलासे 1. कत्ल के बाद नहाया, तिलक लगाया और बच्चों के स्कूल पहुंचा उर्मिला की बेटी प्रेक्षा के बयानों और पुलिस पड़ताल में जो कहानी सामने आई, उससे साफ हो गया कि ये हत्या सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। हत्या को अंजाम देने के बाद अखिलेश सैनी ने खून से सने कपड़े घर के पास ही एक चेंबर में फेंक दिए। नहाकर साफ कपड़े पहने। बालों में तेल और तिलक भी लगाया। इसके बाद वह सीधे बच्चों- प्रेक्षा और अव्यक्त के स्कूल पहुंचा। वहां उसने बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड दिया और छुट्टी के बाद सीधे मौसी के घर जाने को कहकर फरार हो गया। 2. चीख बाहर न जाए, इसलिए TV की आवाज 100 पर की प्रेक्षा ने बताया कि जब वह और उसका छोटा भाई अव्यक्त स्कूल से घर पहुंचे तो दरवाजा खुला था। टीवी की आवाज असामान्य रूप से तेज थी। अखिलेश ने वॉल्यूम 100 पर कर दिया था, ताकि जब वह उर्मिला पर हमला करे तो उसकी मदद की पुकार पड़ोसियों तक न पहुंच सके। अंदर पहले ही कमरे में उर्मिला की लाश पड़ी थी। 3. ऑनलाइन मंगाया था 7 लेयर वाला मेडिकल चाकू आरोपी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन्स या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। पुलिस फिलहाल इसकी जांच कर रही है। 4. पोस्टमॉर्टम में हैवानियत का खुलासा, चेहरे पर किए कई वार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया ताकि वो शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था। 5. कैमरों से बचने के लिए चुना ब्लाइंड स्पॉट रास्ता अखिलेश ने भागने का प्लान भी पहले से बना रखा था। वह रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड के पास सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद वह जानबूझकर ऐसे रास्तों से निकला, जहां कैमरे नहीं लगे थे। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेटी बोली- पापा का एनकाउंटर नहीं…उन्हें आखिरी सांस तक तड़पाओ “जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा, उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए।” इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में तीसरे दिन बेटी प्रेक्षा का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि आरोपी को न फांसी दी जाए, न एनकाउंटर किया जाए बल्कि उसे वही पीड़ा महसूस कराई जाए, जो उसकी मां ने आखिरी सांस तक झेली। पढ़ें पूरी खबर…
