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पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई:सीएम बोले- बिलों में घुसे संपोलों को निकालेगी पुलिस; 3 साल में 22 हजार पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी पुलिस ने ऐसे नेटवर्क को खत्म करने का काम किया है, जो बड़ा आतंकवादी बनकर पाकिस्तान के इशारे पर भारत के लिए संकट खड़ा कर सकता था। भविष्य में भी हमारी पुलिस बिलों में घुसे ऐसे संपोलों को ढूंढ़ निकालने का काम करेगी। इस नेटवर्क के खात्मे के दौरान पुलिस को कुछ जिहादी साहित्य भी मिला है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। सीएम यादव ने ये बातें पुलिस मुख्यालय में आईजी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र के बाद मीडिया से चर्चा में कहीं। उन्होंने भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम करने वाले युवक फराज की गिरफ्तारी पर कहा कि और भी जो लोग ऐसी मानसिकता वाले होंगे, उन्हें भी हमारी पुलिस तलाश लेगी। उन्होंने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में हमारी पुलिस ने कई ऐतिहासिक काम किए हैं। इसमें नक्सलवाद से मध्य प्रदेश को मुक्त करने का काम सबसे प्रमुख है। पुलिस ने साइबर चुनौतियों से निपटने में भी बड़ा रोल प्ले किया है। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती की गई है और अगले तीन वर्षों में 22 हजार पद भरे जाएंगे। इसके लिए हर साल भर्ती प्रक्रिया चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि धार में भोजशाला पर कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने बड़ी ही समझदारी से पूरे मामले को हैंडल करने का काम किया है। पीड़ितों के साथ विनम्र व्यवहार रखें और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित एक्शन लें आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव के साथ मध्यप्रदेश पुलिस आदर्श व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर सकेगी और देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।

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