सीधी जिले के कोनिया गांव में पत्नी से विवाद के बाद 60 वर्षीय एक बुजुर्ग ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए घर का दरवाजा तोड़ा और चाकू से फंदा काटकर बुजुर्ग को सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस की इस मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। बुधवार को घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बुजुर्ग फंदा बांधकर आत्महत्या की कोशिश करते दिख रहे हैं। पत्नी से हुआ था विवाद, बंद कमरे में लगा रहा था फांसी जानकारी के अनुसार, ग्राम कोनिया निवासी रामकरण साकेत (60 वर्ष) का 10 अगस्त की रात अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। गुस्से में आकर रामकरण ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत पुलिस को सूचना दी। डायल-112 आरक्षक ने दिखाई तत्परता, तोड़ा दरवाजा सूचना मिलते ही डायल-112 में तैनात आरक्षक रविंद्र सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने बिना समय गंवाए दरवाजा तोड़ दिया। अंदर रामकरण फंदे से लटके हुए थे, जिस पर आरक्षक ने तेजी से चाकू से फंदा काटकर उन्हें नीचे उतारा और उनकी जान बचाई। वीडियो में यह दिख रहा वीडियो में रामकरण साकेत घर के ऊपर फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रयास करता दिख रहा है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समय रहते चाकू से फंदा काटकर उसकी जान बचाई और बाद में उसे काउंसलिंग के लिए भेज दिया। पुलिस चौकी में हुई काउंसलिंग घटना के बाद बुजुर्ग को खड्डी चौकी लाया गया, जहां चौकी प्रभारी नीरज कुमार ने पति-पत्नी दोनों की काउंसलिंग की और समझाइश देकर विवाद शांत कराया। आरक्षक रविंद्र सिंह के इस साहसिक कार्य और तत्परता की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने उन्हें पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।
