अपर सत्र न्यायालय गंजबासौदा ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में पति की हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला पत्नी द्वारा अपने आशिक के साथ मिलकर पति की हत्या करने से संबंधित है। घटना 22 फरवरी 2023 की है। आरोपी पत्नी ने अपने आशिक दीपेश के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की योजना बनाई थी। शुरुआत में उन्होंने घर पर ही सौरभ को मारने की कोशिश की, लेकिन माता-पिता की मौजूदगी के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाया। ऐसे दिया घटना को अंजाम दीपेश के साथी लखन जाटव ने सुझाव दिया कि सौरभ को भोपाल ले जाने का बहाना बनाकर सिरोंज की तरफ ले जाया जाए, जहां वे आसानी से अपना काम कर सकेंगे। लखन ने सिरोंज में रोलपुरा चौराहे पर मिलने की बात कही। लखन और राजा स्कूटी से सिरोंज चले गए। पत्नी ने पति सौरभ को भोपाल चलने के लिए राजी किया और दीपेश से टैक्सी मंगवाकर रात करीब 9 बजे भोपाल के लिए रवाना हो गए। रात करीब 10-11 बजे वे सिरोंज के रोलपुरा चौराहे पर पहुंचे, जहां लखन जाटव, राजा और उनका एक अन्य साथी (जिसे लखन ‘यादव’ कह रहा था) मिले। वहां पहली गाड़ी छोड़कर एक दूसरी मारुति 800 गाड़ी बुलाई गई, जिसे राजा चला रहा था। पत्नी अपने बच्चे को गोद में लेकर दीपेश के साथ आगे बैठी थी, जबकि पति सौरभ बीच में और लखन जाटव व यादव पीछे बैठे थे। गाड़ी सिरोंज-लटेरी की तरफ निकल गई। करीब 15-20 किलोमीटर चलने के बाद, लखन के निर्देश पर राजा ने गाड़ी को कच्चे रास्ते से जंगल की ओर मोड़ दिया। रास्ते में एक नदी पड़ी। वहीं, लखन और यादव ने सौरभ के गले में तौलिया डालकर उसका गला घोंट दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद, सभी आरोपियों ने मिलकर सौरभ के शव को ठिकाने लगाने और छिपाने के लिए वन विभाग द्वारा खोदी गई एक खंती में डाल दिया। पत्नी ने सौरभ की पहचान छिपाने के उद्देश्य से वहीं से पत्थर उठाकर बार-बार उसके चेहरे पर मारा। इनको हुई सजा आरोपी में रिचा जैन, दीपेश भार्गव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, लखन जाटव, गुरू उर्फ गोलू मंसूरी उर्फ सागर उर्फ दचका पुत्र फूल खां को दोषी पाया गया। वहीं आरोपी अंशुल जैन 10 वर्ष का कारावास और जुर्माना लगाया है।
