मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पत्नी ने अपने पति को खंभे से बांध दिया। मुंह पर टेप चिपका दिया। पत्नी शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी, जबकि पति शराब दुकान न हटाने की बात कर रहा था। पति की हरकतों से परेशान पत्नी ने उसे आंदोलन स्थल पर ही बांध दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मामला बुढ़ी का है। रिहायशी क्षेत्र से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाएं लंबे समय से आंदोलन कर रही हैं। जिस महिला ने अपने पति को बांधा, वह भी धरने में शामिल थी। वह पति की शराब की लत से पहले से परेशान थी। सोमवार को उसका पति शराब के नशे में धुत होकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। वहां उसने महिलाओं से बदसलूकी की। गाली-गलौज की और आंदोलन में रोक-टोक करने लगा। लगातार हंगामा होने पर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से में पति को बिजली के खंभे से बांध दिया। ये तस्वीरें देखिए… महिला बोली- गर्मी झेल ली, अब बारिश में भी पीछे नहीं हटेंगे आंदोलन में शामिल मंजीता सोनवाने ने कहा कि अब नेताओं के खोखले आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। महिलाओं की मांग है कि शराब दुकान को यहां से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाएं भीषण गर्मी में भी लगातार धरने पर बैठी रहीं। अब बारिश का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं होगा। जब तक प्रशासन शराब दुकान को यहां से नहीं हटाता, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस पहुंची तो छुड़ाया गया घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद खंभे से बंधे व्यक्ति को मुक्त कराया गया। वहां मौजूद लोगों ने पूरा घटनाक्रम देखा। मंगलवार को इसका वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ढाई महीने से शराब दुकान हटाने के लिए धरने पर बैठी हैं महिलाएं बुढ़ी इलाके में रिहायशी क्षेत्र से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन 13 अप्रैल से जारी है। महिलाएं मांग कर रही हैं कि जिस तरह शहर की अन्य शराब दुकानों को रिहायशी क्षेत्रों से हटाया गया है, उसी तरह इस दुकान को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। जनप्रतिनिधियों का मिला समर्थन, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई महिलाओं के आंदोलन को स्थानीय समाजसेवियों, सांसद, विधायक, आयोग के सदस्यों, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षदों का समर्थन मिल चुका है। जनप्रतिनिधियों ने शराब दुकान हटाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब तक मिले सभी आश्वासन कागजी वादे साबित हुए हैं। ………………………………….. यह खबर भी पढ़ें 40 महिलाएं पहुंचीं नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट; बोलीं- बेटियों का घर से निकला मुश्किल ‘दिनभर की मेहनत की कमाई शाम होते-होते शराब में खत्म हो जाती है। पैसे नहीं दो तो घर में झगड़ा होता है। बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।’ यह दर्द था नर्मदापुरम जिले के आमूपुरा गांव की महिलाओं का, जिन्होंने मंगलवार को अवैध शराब बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पढ़ें पूरी खबर…
